केंद्र सरकार ने 35 लाख कर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किया है। कर्मियों को कोरोना के इलाज में अस्पताल और दवाओं की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। सीजीएचएस की सूची में शामिल अस्पतालों को पहले ही कठोर हिदायतें जारी कर दी गई हैं। सूची में शामिल कोई भी अस्पताल सीजीएचएस कार्ड धारक को इलाज मुहैया कराने और उसे भर्ती करने से इंकार नहीं कर सकता।
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों से ऐसे सवाल पूछे जा रहे थे कि जो कर्मी सीजीएचएस मेडिकल अधिकारी की अनुशंसा पर बाहर से दवा खरीदता है, तो उसका भुगतान कैसे होगा। इसका भुगतान संबंधित विभाग करेगा। अब 31 दिसंबर तक सरकारी कर्मी उस स्थिति में बाहर से कोरोना की दवा खरीद सकते हैं, यदि वह दवा सीजीएचएस अस्पताल या डिस्पेंसरी में नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बाहर से कोरोना की दवा खरीदने की व्यवस्था पहले बीस सितंबर तक की गई थी। हालांकि केंद्र सरकार ने देश के 71 शहरों में स्थित सीजीएचएस अस्पताल और डिस्पेंसरी पर कोरोना की दवा उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद वह दवा किसी सेंटर पर नहीं है तो संबंधित सीजीएचएस कार्ड धारक बाजार से दवा खरीद सकता है।
इसके लिए सीजीएचएस मेडिकल अधिकारी, सीजीएचएस विशेषज्ञ, सरकारी चिकित्सक और उन प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सक जो सीजीएचएस की सूची में शामिल हैं, से वह दवा लिखवाई जानी चाहिए। अब सीजीएचएस वेलनेस सेंटर भी खोले गए हैं। कोई भी सीजीएचएस कार्ड धारक सामान्य प्रक्रिया के तहत इन सेंटरों से दवा ले सकता है। इस स्थिति में कार्ड धारक को वह दवा बाजार से नहीं खरीदने पड़ेगी।