भारत में तीन साल से छह साल की उम्र के कुल 7.4 करोड़ बच्चों में से करीब दो करोड़ बच्चे औपचारिक पढ़ाई शुरू करने से पहले प्री-स्कूल नहीं जा पाते। इनमें से ज्यादातर बच्चे निर्धन है और समाज के कमजोर वर्गों से आते हैं।
बच्चों के लिए काम करने वाली यूनाइटेड नेशंस की संस्था यूनिसेफ की एक रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ द वर्ल्ड चिल्ड्रेन रिपोर्ट 2016’में यह खुलासा हुआ है। स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों में 34% मुस्लिम, 25.9% हिंदू, 25.6% ईसाई परिवारों के हैं।
भारत में यूनिसेफ के प्रतिनिधि लुई जॉर्जेस आर्सेनॉल्ट ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा स्कूल शुरू होने से पहले प्री स्कूल की औपचारिक शिक्षा से वंचित रहने का बच्चे की सीखने की क्षमता पर दूरगामी असर पड़ता है। प्री-स्कूल भेजे बिना जब बच्चों को सीधे प्राइमरी स्कूल में प्रवेश दिलाई जाती है, तो उनके जल्द ही स्कूल छोड़ने की आशंका बढ़ जाती है और वह अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं बन पाते।