गुजरात के दीसा जिले की एक अदालत ने सोमवार को 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए दंगों से जुड़े दो मामलों में 31 लोगों को आरोपों से मुक्त कर दिया है। मामले उत्तरी गुजरात के थारा गांव में लूट और आगजनी से संबंधित थे। सत्र न्यायाधीश एनएम परमान ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
गोधरा कांड के एक दिन बाद 28 फरवरी 2002 को भाजपा ने थारा में बंद का आह्वान किया था। इस दौरान घरों में तोड़फोड़-आगजनी और दुकानों में लूटपाट हुई थी। इस हिंसा में किसी की मौत नहीं हुई थी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।
गुजरात हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एक मामले में 31 और दूसरे में 33 को आरोपी बनाया गया था। इनमें से कई लोग दोनों मामलों में आरोपी थे। तीन आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।