30 लोग चुने जाएंगे पूरे देश से, वायुसैनिकों को प्राथमिकता
15 का फाइनल चयन होगा इन सभी को बेसिक ट्रेनिंग देेन के बाद
3-3 के ग्रुप में बांटकर 9 लोगों को एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी
03 एस्ट्रेनॉट के फाइनल ग्रुप को लांच तिथि से तीन महीना पहले दी जाएगी फाइनल ट्रेनिंग
12 से 14 महीना लगेंगे 9 लोगों के ग्रुप चुनने की प्रक्रिया तक
- अंतरिक्ष जैसे माहौल में -20 से 60 डिग्री तापमान तक से समन्वय बनाने के लिए सिमुलेटर ट्रेनिंग
- वायुमंडलीय दबाव से करीब 6 गुना ज्यादा दबाव सहन करने के लिए ड्राई फ्लोटेशन सिमुलेटर ट्रेनिंग
- अंतरिक्ष यान क्रू कैप्सूल में माइग्रोग्रेविटी और सिर के बल घूम जाने जैसी परिस्थिति के लिए सिमुलेटर ट्रेनिंग
- बेहद गर्म तापमान को सहन करने के लिए भी एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी सिमुलेटर के जरिए
16 मिनट के अंदर श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष में स्थापित हो जाएगा गगनयान
400 किलोमीटर ऊंचाई पर सबसे निचली कक्षा में भेजा जाएगा मिशन
05 से 07 दिन तक वहीं पर रहकर भारतीय यान करेगा शोध
36 मिनट लगेंगे वापसी के दौरान अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी पर पहुंचने में
10000 करोड़ रुपये से भी कम में मिशन पूरा कर विश्व को चौंकाने की तैयारी
40 महीने से भी कम समय में इस मिशन को पूरा करेगा इसरो
15000 लोगों को इस मिशन के कारण मिलेगा देश में रोजगार