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आईआईटी के तीन छात्र इटली में नस्लीय भेदभाव का हुए शिकार

Wed, 01 Jun 2016 02:57 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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तीन छात्रों के साथ इटली में नस्लीय भेदभाव का मामला सामने आया - फोटो : File Photo
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भारत के तीन छात्रों के साथ इटली में नस्लीय भेदभाव का मामला सामने आया है। ये तीनों आईआईटी के छात्र हैं। ये तीनों छात्र इटली के वेंटिमिग्लिया स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे तभी उनके पास इटली के स्थानीय सुरक्षा विभाग के कुछ अधिकारी पासपोर्ट की जांच करने आए। तीनों छात्रों द्वारा वैध कागजात दिखाने के बाद भी सुरक्षा विभाग के अधिकारी उन्हें, और बहुत से दुसरे देशों के लोगों के साथ जिनके पास कागजात नहीं थे, 1100 किमी दूर बारी के पास एक शहर में ले गए। 
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ये तीनों छात्र आईआईटी के कम्प्यूटर साइंस कोर्स के द्वितीय वर्ष के छात्र है। इनमें से दो छात्र आईआईटी दिल्ली और एक छात्र आईआईटी बांबे से है। इस समय ये तीनों छात्र इटली में इनरिया सोफिया एटिपोलिस मेडिटैरेनी कंपनी में इंटर्नशिप कर रहे हैं। घटना के वक्त वे छुट्टियां मनाने जिनोआ जा रहे थे।

तीनों छात्र, आईआईटी बॉम्बे के उदय कुसूपति और आईआईटी दिल्ली के अक्षित गोयल और दीपक भट्ट ने भारतीय दुतावास से इस मामले की शिकायत की है। अभी ये तीनों छात्र इटली की राजधानी रोम में हैं। इस मामले पर इटैलियन काउंसिल के जनरल उगो शरलतनी ने कहा कि, 'एक चीज मैं आपसे स्पष्ट रुप से कह सकता हूं कि इटली के लोग नस्लीय भेदभाव में विश्वास नहीं रखते हैं।
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आईआईटी की ऑन कैम्पस इनसाइट मैगजीन के एडिटर श्रीरंग जावडेकर नेबताया कि के इटली के सुरक्षा विभाग के लोग इंग्लिश नहीं बोल पा रहे थे। इस वजह से वे तीनों छात्रों की बात नहीं समझ पा रहे थे। उन्होने तीनों से कुछ बात कहीं और उनके पासपोर्ट जब्त कर उन्हों वहां से ले गए। तीनों को कुछ अफ्रीकी और पाकिस्तानी लोगों के साथ जहाज से इटली के बारी ले जाया गया। 10 घंटे तक वे किसी से मदद नहीं ले पाए। इसके बाद वहां से किसी तरह इन्होंने अपने परिवार से संपर्क किया। छात्रों  के परिजन ने बताया कि हिरासत में लिए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया।
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