कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने शुक्रवार को एक 29 साल की महिला को गिरफ्तार किया है। उसपर कथित तौर पर सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर झूठी खबर फैलाने का आरोप है। महिला ने पोस्ट किया था कि एक डॉक्टर राज्य के सरकारी अस्पताल में मरीजों का इलाज करते समय कोरोना से संक्रमित हो गए हैं।
महिला ने बंगाली अखबार के एक फर्जी पेज की तस्वीर भी अपलोड की है। शहर पुलिस के जासूसी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'फर्जी समाचार पोस्ट करने और कोरोना वायरस से संबंधित अफवाहें फैलाने के मामले में शहर की पुलिस द्वारा की गई यह पहली गिरफ्तारी है।'
आरोपी महिला एक गायक है और थिएटर समूह में अभिनय करती है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी ने कहा, 'यह फर्जी खबर है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। राज्य में आज तक कोई भी डॉक्टर या कोई स्वास्थ्य कर्मचारी वायरस से संक्रमित नहीं पाया गया है।'
महिला के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी (पहचान की चोरी के लिए सजा) और आईपीसी के तहत संबंधित वर्गों में भय फैलाने के लिए शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शहर के पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा नागरिकों को सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें पोस्ट नहीं करने और अफवाह फैलाने से परहेज करने की चेतावनी दे रहे हैं।
दिलचस्प बात ये है कि कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए महिला ने एक पोस्ट लिखा है। जिसमें उन्होंने लोगों को अफवाह और फर्जी खबरों पर ध्यान न देने के लिए आगाह किया है। भारत में अब तक 800 से ज्यादा लोग वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 19 लोगों की मौत हो गई है।