गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या बढ़ी
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गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गिर वन्यजीव अभयारण्य में शेरों की गणना पूनम अवलोकन के बाद सामने आई है। बताया जा रहा है कि यहां पर शेरों की जनसंख्या में 29 फीसदी बढ़ोतरी हुई है और अब संख्या बढ़कर 674 हो गई है। गिर सेंचुरी एशियाई शेरों का एकमात्र आश्रय स्थान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी जानकारी ट्वीट करके दी। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, 'गुजरात के गिर फॉरेस्ट में रहने वाले एशियाई शेरों की आबादी करीब 29 प्रतिशत बढ़ी है। उनके रहने का दायरा भी 36 प्रतिशत बढ़ा है। इसके लिए गुजरात के लोग और वे सभी लोग बधाई के पात्र हैं जिनके प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है।'
लगातार किए गए दो ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि पिछले कुछ वर्षों से गुजरात में शेरों की संख्या लगातार बढ़ी है। यह जन सहभागिता, तकनीक के इस्तेमाल, वन्यजीवों के स्वास्थ्य की देखभाल, उचित प्रबंधन और मनुष्य तथा शेरों के बीच टकराव को कम से कम करने के प्रयासों का परिणाम है। उम्मीद है कि यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रहेगा।
शेरों की गणना पूर्णिमा की रात को होती है। वन विभाग के आंकड़े के अनुसार मई 2015 में की गई गिनती के दौरान यहां 523 एशियाई शेर थे। पांच साल में यहां 151 शेर बढ़े हैं और अब इनकी संख्या 674 हो गई है। इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जा सकती है। संख्या के साथ शेरों का रेंज भी 30,000 स्कॉयर किलोमीटर हो गया है। यह क्षेत्र 2015 में 22000 स्कॉयर किलोमीटर था। अधिकारियों की मानें तो शेरों की संख्या 2001 की तुलना में अब दोगुनी हो गई है।