असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को अपडेट करने की कवायद के तहत सोमवार से राज्य की 29 लाख विवाहित महिलाओं की नागरिकता की पुष्टि की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। बीते 31 दिसंबर को एनआरसी के पहले मसौदे में इनके नाम शामिल नहीं थे। इन महिलाओं ने ग्राम पंचायतों की ओर से जारी आवास प्रमाणपत्र जमा किया था।
ध्यान रहे कि बीते साल गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा था कि ऐसे प्रमाण पत्रों को नागरिकता साबित करने का आधार नहीं माना जा सकता। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसे दस्तावेज के जरिए जांच के बाद किसी महिला या पुरुष के उसके पिता के साथ संबंधों की पुष्टि की जा सकती है।
एनआरसी के राज्य संयोजक प्रतीक हाजेला ने बताया कि इस कवायद के तहत ऐसी महिलाओं को उनके पिता के करीब स्थित केंद्रों में बुला कर पूछताछ की जा रही है। इसके लिए पूरे राज्य में 1235 केंद्र खोले गए हैं और ढाई हजार अधिकारियों को काम पर लगाया गया है। हाजेला के मुताबिक एनआरसी को अपडेट करने की प्रक्रिया जून तक पूरी हो जानी है।