देश में हवाई हादसों में बढ़ोतरी को लेकर उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (सेनि.) वीके सिंह ने संसद में एक लिखित जवाब में कहा कि बीते पांच वर्षों में तकनीकी खराबी के कारण कुल 2,613 हवाई घटनाएं हुईं। सूची में इंडिगो एयरलाइंस सबसे ऊपर है।
पिछले पांच वर्षों में घरेलू एयरलाइन कंपनियों के हादसों की एक लंबी सूची रही है। मौजूदा समय में इनमें से 12 एयरलाइन कंपनियां देश में काम कर रही हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
देश में हवाई हादसों में बढ़ोतरी को लेकर उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (सेनि.) वीके सिंह ने संसद में एक लिखित जवाब में कहा कि बीते पांच वर्षों में तकनीकी खराबी के कारण कुल 2,613 हवाई घटनाएं हुईं। सूची में इंडिगो एयरलाइंस सबसे ऊपर है।
जनरल (सेनि.) वीके सिंह ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा, इंडिगो में पांच वर्षों (2018-22) में सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं। इंडिगो ने 2022 में 215 हादसे दर्ज किए हैं पांच वर्षों में 885 हादसे हुए हैं। करीब 270 विमानों के साथ इंडिगो भारतीय विमानन बाजार में सबसे बड़ा ऑपरेटर है।
विज्ञापन
स्पाइसजेट दूसरी नंबर की एयरलाइन है, जिसने पिछले पांच वर्षों में 691 तकनीकी गड़बड़ियों की सूचना दी है। वहीं, विस्तारा ने बीते पांच वर्षों में ऐसी 444 घटनाएं दर्ज की हैं। टाटा के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने 2018 से 2022 के दौरान 361 तकनीकी गड़बड़ियों की सूचना दी। इन वर्षों के दौरान एयर एशिया ने 79 और एयरलाइंस एयर 13 घटनाएं दर्ज की हैं।
लोकसभा में कांग्रेस सांसद एंटो एंटनी ने नागर विमानन मंत्रालय से पूछा था कि क्या पुराने विमानों का इस्तेमाल तकनीकी खराबी का मुख्य कारण है, तो जवाब में विमानन मंत्रालय ने कहा- नहीं। तकनीकी खराबी का एकमात्र कारण पुराने विमान नहीं हैं। मंत्रालय ने गुरुवार को लोकसभा में यह भी कहा कि सरकार के पास डीजीसीए द्वारा देश में उड़ने वाले विमानों को निर्दिष्ट करने के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं हैं।