सीबीआई ने एनएसआई के फोन अवैध रूप से टैप किए जाने के संबंध में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त के खिलाफ नया आरोप पत्र दायर किया। आरोप पत्र में कहा गया कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण ने शेयर बाजार के अधिकारियों के फोन टेप करने के लिए मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त संजय पांडे की कंपनी को 4.54 करोड़ रुपये दिए थे।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि चित्रा ने साइबर हमले से खतरे का अध्ययन करने के नाम पर स्टॉक एक्सचेंज के कर्मचारियों के फोन टेप करने का काम आईएसईसी सर्विसेज प्रा. लि. को सौंपा था। इसके लिए कंपनी को आठ साल में उक्त रकम का भुगतान किया गया। संजय पांडे इस कंपनी में निदेशक थे।
सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा कि यह आरोप लगाया था कि एनएसई में निजी कॉल लाइनों और अनधिकृत रिकॉर्डिंग और निगरानी 1997 में शुरू हुई जब एनएसआई के तत्कालीन एमडी (रवि नारायण) और तत्कालीन डीएमड/एमडी (रामकृष्ण) ने एनएसई कर्मचारियों की कॉल लाइनों को आईएसईसी की ओर से प्रदान डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर से जोड़ दिया था। आईएसईसी ने एनएसई के बेसमेंट में इसके लिए एक बड़ा उपकरण लगाया था।
एजेंसी ने पांडे, आईएसईसी सर्विसेज प्रा. लि. के दो पूर्व अधिकारियों के अलावा एनएसई के पूर्व एमडी रवि नारायण, उप प्रबंध निदेशक (डीएमडी) रामकृष्ण, कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट रवि वाराणसी, प्रमुख (परिसर) महेश हल्दीपुर, समूह संचालन अधिकारी (जीओओ) आनंद सुब्रमण्यम, ओएसडी एसबी थोसार और प्रबंधक (परिसर) भूपेश मिस्त्री को आरोपी बनाया है। इन सभी के खिलाफ आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने के साथ ही आईटी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।