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पिछले हफ्ते के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के 26 फीसदी कोरोना मामले भारत से

Tue, 25 Aug 2020 09:54 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाला चार में से एक मरीज भारत से है। पिछले हफ्ते दुनिया में आए नए कोरोना वायरस के कुल मामलों में भारत का 26.2 फीसदी का योगदान है। ऐसा पहली बार है कि भारत की ओर से विश्व के कुल कोरोना मामलों में इतना योगदान रहा हो।

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अगर भारत में होने वाली मौतों की बात करें तो भारत का योगदान 16.9 फीसदी से बढ़ा है। हालांकि सोमवार को कोरोना के एक दिन में आने वाले मामलों में कुछ गिरावट देखी गई। सोमवार को कोविड-19 के 59,041 मामले आए थे, जो पिछले सात दिनों में काफी कम है।

इसके अलावा सोमवार यानि 24 अगस्त को कोरोना से मरने वालों की संख्या 848 हुई, जो चार अगस्त के बाद से सबसे कम संख्या है। पिछले एक हफ्ते में भारत में कोरोना वायरस के कुल 4.5 लाख मामले सामने आए, जिससे दुनिया में भारत का कोरोना मामलों में हिस्सा बढ़कर 26.2 फीसदी हो गया।
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पिछले हफ्ते यानि कि 10-16 अगस्त के बीच भारत के कोरोना मामलों का दुनिया के कुल मामलों में 23.9 फीसदी हिस्सा था, जबकि इससे पहले हफ्ते यानि कि तीन से नौ अगस्त के बीच ये हिस्सा 22.7 फीसदी था। कोरोना के कुल मामलों में भारत का योगदान 13 फीसदी है।

इसके अलावा दुनिया में कोरोना से होने वाली मृत्यु में भारत का योगदान देखा जाए तो पिछले हफ्ते 16.9 फीसदी था। वहीं इससे पहले वाले दोनों हफ्तों में योगदान क्रमश: 16.8 फीसदी और 15.2 फीसदी था। मध्य प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है, जहां सोमवार को एक दिन में कोरोना के 1,292 नए मामले सामने आए। 

इसके अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, पंजाब और छत्तीसगढ़ ऐसे राज्य हैं, जहां रविवार की तुलना में सोमवार को कोरोना के मामलों में हल्की बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को महाराष्ट्र में कोरोना से होने वाली मृत्यु में गिरावट देखी गई। सोमवार को राज्य में कुल 212 कोविड मौतें हुई, जो कि पिछले 34 दिनों में सबसे कम है।

इसके अलावा मुंबई में कोरोना से 20 मौतें हुईं, जो पिछले 105 दिनों में सबसे कम है। एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा इसलिए भी कम है क्योंकि सप्ताह के अंत में कम रिपोर्टिंग हुई। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल अपनी रिपोर्ट्स को अपडेट करेंगे तो मृत्यु के आंकड़ों में तेजी आ जाएगी।

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