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अयोध्या विवादित ढांचे की 26वीं बरसी: सदियों पहले शुरू हुई थी लड़ाई, जानें कब क्या हुआ

Thu, 06 Dec 2018 10:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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babri maszid
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अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस की आज (गुरुवार) 26वीं बरसी है। पूरी अयोध्या नगरी इस वक्त कड़ी सुरक्षा के घेरे में है। आज ही के दिन यानी 6 दिसंबर साल 1992 को अयोध्या में विवादित परिसर में मौजूद ढांचे को गिरा दिया गया था। आपको बताते हैं कि सदियों से चली आ रही इस लड़ाई में कब क्या हुआः
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Babri Masjid
बाबरी मस्जिद का निर्माण हुआ। मुगल शासक बाबर ने अयोध्या में ये निर्माण ऐसी जगह कराया जिसे हिंदू राम जन्म भूमि मानते हैं।

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1853-1885

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अयोध्या मंदिर विवाद
पहली बार यहां हिंसक सांप्रदायिक संघर्ष हुआ। यह हिंसा इसलिए हुई क्योंकि मंदिर के ऊपर मस्जिद का निर्माण किया गया था। हिंदुओं का आरोप था कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है। इसे पहला हिंदू-मुस्लिम संघर्ष कहा जाता था। साल 1885 में महंत रघुबीर दास को बाबरी मस्जिद के बाहरी आंगन पर एक मंदिर बनाने की इजाजत नहीं दी गई है।

1949

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babri maszid
मस्जिद के अंदर राम लला की मूर्ति आ गई। जहां हिंदू प्रार्थनाएं करने लगे। स्थानीय मुस्लिमों ने इस बात का विरोध किया और दोनों समुदायों ने मुकदमा दर्ज कराया। सिटी मजिस्ट्रेट ने भूमि जब्त की और गेट बंद किए लेकिन प्रार्थनाएं चलती रहीं। 
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1950

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अयोध्या - फोटो : amar ujala
16 जनवरी को एक अपील में मूर्ति को विवादित स्थल से हटाने से न्यायिक रोक की मांग।
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1950 

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Ayodhya Dispute
5 दिसंबर को मस्जिद को ढांचा नाम दिया गया और राममूर्ति रखने के लिए केस किया।
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1959

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Ayodhya Dispute
17 दिसंबर को निर्मोही अखाड़ा विवाद में कूदा, विवादित स्थल के लिए मुकदमा दायर किया गया।

1961

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ayodhya ram temple - फोटो : PTI
18 दिसंबर को सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मालिकाना हक के लिए केस किया।

1986

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अयोध्या राम जन्मभूमि
फैजाबाज सेशंस जज ने हिंदुओं को मंदिर में पूजा करने की अनुमति दी। 

नवंबर 9, 1989

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राजीव गांधी
प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अविवादित स्थान पर शिलान्यास की इजाजत दी।

1990

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Lal Krishna Advani
भाजपा अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी रथ यात्रा में निकले और बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार किए गए। हजारों कार सेवक अयोध्या में एकत्रित हुए। मस्जिद में तोड़फोड़ हुई और पुलिस फायरिंग में 30 लोगों की मौत हुई।

1991 

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raja ram temple
अक्तूबर में कल्याण सिंह की सरकार ने विवादित क्षेत्र को कब्जे में ले लिया।

1992

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babri maszid
6 दिसंबर को कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को ढहाया और एक अस्थाई मंदिर बना। पूरे भारत में दंगे हुए और 1200 लोगों की मौत हुई।16 दिसंबर को तोड़फोड़ की जांच के लिए एस.एस. लिब्रहान आयोग का गठन हुआ। 

अप्रैल, 2002

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Allahabad High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन जजों ने सुनवाई शुरू की।

अगस्त, 2003

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babri maszid
भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग ने दावा किया कि उन्हें मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष मिले हैं।

2005

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babri maszid
जुलाई में विवादित क्षेत्र पर इस्लामिक आतंकवादियों का हमला, पांच आतंकी मारे गए।

2009

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manmohan singh - फोटो : PTI
जुलाई में पीएम मनमोहन सिंह को लिब्रहान आयोग ने रिपोर्ट सौंपी।

सितंबर 2010

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supreme court - फोटो : PTI
28 सितंबर को विवादित मामले में फैसला देने से रोकने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की। 30 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले में ऐतिहासिक फैसला दिया। यह फैसला जजमेंट 2-1 से आया। विवादित जमीन को 3 हिस्सों में बांटा गया। जहां रामलला विराजमान हैं  और आसपास की जमीन राम मंदिर को। एक तिहाई सुन्नी वक्फ बोर्ड को और एक तिहाई जमीन निर्मोही अखाड़ा को।

मई, 2011

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इलाहाबाद हाईकोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को निलंबित किया।

मार्च और अप्रैल, 2017

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21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में मध्यस्थता की पेशकश की। 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक केस चलाने का आदेश दिया।

दिसंबर 5, 2017

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सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 2010 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई का फैसला किया।

29 अक्टूबर, 2018

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सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर होने वाली सुनवाई जनवरी 2019 तक टाल दी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने यह स्पष्ट किया कि अयोध्या मामले में तुरंत सुनवाई नहीं होगी। अब अगले साल मामले पर सुनवाई होगी।
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