Bombay High Court: बॉम्बे हाईकोर्ट की अनुमति के बाद दिवंगत चित्रकार एम एफ हुसैन की 25 दुर्लभ पेंटिंग 12 जून को नीलाम की जाएंगी। यह नीलामी मुंबई के हेमिल्टन हाउस में होगी और इसमें हुसैन की ओपीसीई सीरीज की पेंटिंग शामिल हैं। इन पेंटिंग को नाफेड ने एक कथित ऋण चूक मामले के चलते जब्त किया था।
बॉम्ब हाईकोर्ट की अनुमति मिलने के बाद भारत के मशहूर चित्रकार दिवंगत मकबूल फिदा हुसैन की 25 दुर्लभ पेंटिंग की 12 जून को नीलामी की जाएगी। राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नाफेड) ने कथित तौर पर ऋण न चुकाने पर ये पेंटिंग अपने पास सुरक्षित रख ली थीं। इस नीलामी का शीर्षक रखा गया है- 'एम. एफ. हुसैन : 20वीं दी के एक कलाकार का दृष्टिकोण'। इसमें हुसैन की 'हमारी पृथ्वी जिसे ग्रह कहते हैं' (ओपीसीई) सीरीज की 25 पेंटिंग शामिल हैं।
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जस्टिस आर. आई. चागला की एकल पीठ ने मुंबई के शेरिफ को अनुमति दी कि वह इन 25 पेंटिंग की नीलामी करें। ये पेंटिंग नाफेड ने उद्योगपति गुरु स्वरूप श्रीवास्तव की कंपनी 'स्वरूप ग्रुफ ऑफ इंडस्ट्रीज' के साथ 236 करोड़ रुपये के कथित ऋण चूक मामले में जब्त की थीं।
श्रीवास्तव 2007 में उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने एम. एफ. हुसैन से 10 पेंटिंग बनवाईं, जिनमें हर एक की कीमत एक करोड़ रुपये थी। पिछले साल मई में कला विशेषज्ञ दादिबा पंडोले ने हाईकोर्ट को इन पेंटिंग की कीमत की रिपोर्ट दी, जिसमें उनकी कुल कीमत 25 करोड़ रुपये बताई गई थी।
हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक, मुंबई के शेरिफ ने फरवरी में पंडोले आर्ट गैलरी के जरिए इन पेंटिंग की नीलामी के लिए एक नोटिस जारी किया। नीलामी 12 जून को दक्षिण मुंबई के हेमिल्टन हाउस में होगी। नीलामी पूरी होने के बाद शेरिफ को तीन जुलाई तक हाई कोर्ट में रिपोर्ट सौंपनी होगी और पेंटिंग सौंपने के लिए आगे के निर्देश लेने होंगे।
साल 2006 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने स्वरूप ग्रुप और श्रीवास्तव के खिलाफ जांच शुरू की थी। आरोप था कि उन्होंने नाफेड से लिए गए 236 करोड़ रुपये के कर्ज में से 150 करोड़ रुपये का गबन किया है। दिसंबर 2008 में एक न्यायाधिकरण ने नाफेड को 100 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की अनुमति दी थी, जिसमें हुसैन की पेंटिंग भी शामिल थीं।