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321 दिन चली 16वीं लोकसभा में पारित हुए 240 बिल, 23 रह गए लंबित

Thu, 28 Mar 2019 04:48 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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संसद (फाइल)
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भले ही काम के घंटों के लिहाज से 2014 आम चुनावों के बाद गठित 16वीं लोकसभा ने बहुत बड़े रिकॉर्ड कायम नहीं किए हों, लेकिन काम करने में इस लोकसभा के सदस्य पीछे नहीं रहे। इलेक्शन वॉचडॉग एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की तरफ से बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 16वीं लोकसभा में जहां पांच साल के दौरान 273 बिलों पर चर्चा की गई, वहीं इनमें से 240 को पारित किया गया। हालांकि इसके बावजूद बच्चों से जुड़ा पोक्सो संशोधन, केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग संशोधन जैसे 23 अहम बिल लंबित रह गए। आइए डालते हैं 16वीं लोकसभा से जुड़ी कुछ खास बातों पर एक नजर-

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उपस्थिति का गणित

312 दिन चली लोकसभा, 221 रहा सांसदों की उपस्थिति का औसत
289 दिन की सबसे ज्यादा औसत उपस्थिति रही दिल्ली के सातों सांसदों की
88 दिन की सबसे कम औसत उपस्थित दर्ज कराई नागालैंड के दोनों सांसदों ने
264 दिन की औसत उपस्थिति से दो सांसदों वाली भारतीय राष्ट्रीय लोकदल रही अव्वल पार्टी
85 दिन की औसत उपस्थिति के साथ दो सांसदों वाली एनपीपी रही सबसे फिसड्डी पार्टी

सुप्रिया ने पूछे सबसे ज्यादा सवाल

251 सवाल पूछे औसतन सांसदों ने पांच साल में 321 दिन चली लोकसभा में
1181 सवाल पूछकर अव्वल रहीं बारामती से एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले
534 सवाल औसतन महाराष्ट्र के 50 सांसदों में हर एक ने पूछे, राज्य रहा नंबर-1
12-12 सवाल औसतन पूछे नागालैंड के 2 सांसदों ने, सबसे पीछे रहा राज्य
639 सवाल औसतन सबसे ज्यादा शिवसेना के 18 सांसदों में से हर एक ने पूछे
10-10 सवाल औसतन पूछ पाए एनपीपी के दोनों सांसद, सबसे पीछे रही पार्टी

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