कोरोना वायरस के कारण एक के बाद जान गंवा रहे लोगों की अंतिम विदाई भी किन बुरे हालातों में हो रही है, इसका नजारा आए दिन दिखने लगा है। महाराष्ट्र के अहमदनगर में एंबुलेंस में एक के ऊपर एक 12 लाशें रखकर श्मशान घाट पहुंचाए जाने का मामला अभी ज्यादा पुराना नहीं हुआ कि एक और ऐसा मामला सामने आ गया। गुरुवार देर रात छह शव एक के ऊपर एक एंबुलेंस में रखकर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचाए गए।
गुरुवार मध्य रात्रि से शुक्रवार दाेपहर तक श्मशान घाट में कुल 42 लाशें पहुंचाई गईं। इनमें से 20 का विद्युत शवदाहिनी में तो 22 शवों को चंद लकड़ियों में ही डीजल डालकर अग्नि दे दी गई।
यहां हालात इतने खराब दिखे कि दाह संस्कार करने वाले लोगों के पास दस्ताने तक मौजूद नहीं थे और उनके मास्क भी मुंह से खिसके नजर आ रहे थे।
स्वास्थ्य कारणों से मृतकों के परिजनों को अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहने की इजाजत नहीं दी गई जिसके कारण उनमें रोष व्याप्त है। इनका सवाल है कि अंतिम समय में भी लाशों की इतनी बेकद्री क्यों की गई।
श्मशान घाट में छह शवों को एक के ऊपर एक रखकर जलाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम के कमिश्नर शंकर गोरे ने कहा कि एक साथ छह शवों को जलाना अमानवीय है। इस मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूर्व मंत्री और BJP नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।