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21वां विश्व पुलिस-अग्निशमन खेल: 613 मेडल जीतने वाले भारतीय दल को मिले ₹4.38 करोड़, गृह मंत्री ने थपथपाई पीठ

Fri, 18 Jul 2025 09:50 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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21वां विश्व पुलिस-अग्निशमन खेल के विजेताओं को गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अमेरिका के अलाबामा प्रांत के बर्मिंघम में आयोजित 21वें विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल-2025 में हिस्सा लेकर लौटे भारतीय पुलिस एवं अग्निशमन दल के अभिनंदन समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा- 21वें विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल में भारतीय दल ने 613 मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया है। अमित शाह ने कहा, भारतीय दल को 4 करोड़ 38 लाख 85 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि अखिल भारतीय पुलिस बल नियंत्रण बोर्ड के अधीन सभी पुलिस बलों से कोई न कोई खिलाड़ी अगले विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल में अवश्य हिस्सा लें।
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केंद्रीय गृह मंत्री ने अगला विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल भारत में होगा। हमारी हिस्सेदारी सर्वसमावेशी होनी चाहिए। सभी दलों को कम से कम तीन मेडल जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए। ऐसा लक्ष्य रखने पर 613 मेडल जीतने का रिकॉर्ड स्वयं ही टूट जाएगा। पहले कभी पुलिस एवं अग्निशमन खेल को देश में बहुत महत्व नहीं दिया जाता था। हिस्सेदारी की दृष्टि से यह ओलंपिक्स और राष्ट्रमंडल खेलों के बाद विश्व का सबसे बड़ा खेल आयोजन है। इन खेलों में लगभग 10 हजार खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिसकी वजह से इन खेलों में देश का अच्छा प्रदर्शन 140 करोड़ देशवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है। अब हमारा ध्यान 2029 के विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल पर होना चाहिए। गुजरात में वर्ष 2029 में आयोजित होने वाले 'विश्व पुलिस एवं फायर खेल' में अर्जुन की तरह ही एक लक्ष्य साधकर हर खिलाड़ी पदक जीतने के लिए आगे बढ़े।

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21वां विश्व पुलिस-अग्निशमन खेल के विजेताओं को गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई - फोटो : अमर उजाला
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आगामी विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेल गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर और केवडिया में आयोजित किए जाएंगे। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ी ऐसा प्रदर्शन करें ताकि चर्चा हो कि भारत में खेलों में बहुत संभावना है। मोदी सरकार की ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाड का आयोजन भारत में कराने की कोशिश, जिससे खेल जनता का स्वभाव बने। वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए हम दावेदारी करने वाले हैं, कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन के लिए दावेदारी पेश कर चुके हैं और एशियाड के लिए भी फ़िर से दावेदारी कर चुके हैं।

इन खेलों का आयोजन भारत में कराने की कोशिशों का मकसद यह है कि खेल हमारे देश की जनता और देश के विभिन्न वर्गों, जैसे पुलिस और फायर ब्रिगेड, का स्वभाव बने। उन्होंने यह भी कहा कि खेल जीवन का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो बच्चा खेलता नहीं है वह हार से हताश हो जाता है और जो बच्चा हार कर जीत का संकल्प नहीं लेता, उसे जीतने की आदत नहीं पड़ती। सीखने की एक ही जगह है - मिट्टी, खेल का मैदान और खेल के मैदान से ही हार को स्वीकार करने की आदत और जीत को पाने का जुनून विकसित होता है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे हमारे युवाओं का यह स्वभाव बनना चाहिए।

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21वां विश्व पुलिस-अग्निशमन खेल के विजेताओं से गृह मंत्री का संवाद - फोटो : अमर उजाला
अमित शाह ने सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों से ऐसा माहौल बनाने को कहा ताकि हर पुलिस कर्मी और अधिकारी में खेल का स्वभाव विकसित हो। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों की सुबह अपने अधीन अधिकारियों के साथ परेड से शुरू करनी चाहिए और शाम को उन्हें अपने अधीनस्थों के साथ खेलना चाहिए। इससे काम के तनाव से मुक्ति मिलेगी और कार्य भी बेहतर तरीके से हो सकेगा। खेल ही हमें व्यापक तरीके से सोचना सीखा सकते हैं। सभी केन्द्रीय और राज्य पुलिस बलों को ऊपर से नीचे तक यह आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा बलों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सेवा शर्तों में ढील और भर्ती प्रक्रिया को भी इसके अनुकूल बनाने के लिए कदम उठा रही है। पिछले वर्ष गृह मंत्रालय ने प्रतिभा पहचान हेतु भर्ती नियमों में बदलाव, हर बल में 25 आउटडोर खेल टीमों का गठन और सीएपीएफ की संयुक्त टीम जैसी कई पहलें की हैं। प्रस्तावित राष्ट्रीय स्पोर्ट्स बिल में पुलिस बलों को राज्य स्तर पर मान्यता देने का प्रावधान किया गया है, जिससे हर पुलिस बल राष्ट्रीय खेलों में एक इकाई के रूप में भाग ले सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में खेलों के बजट में पांच गुना वृद्धि की गई है, खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ढेर सारे नए स्पोर्टस इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए गए हैं। टीओपीएस यानी टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम के तहत लगभग 3000 खिलाड़ियों को 2036 के ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए अभी से 50 हजार रुपए प्रतिमाह देकर उनकी ट्रेनिंग की व्यवस्था की जा रही है। फिट इंडिया मूवमेंट के जरिये भी खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया का अच्छा परिणाम आया है जिससे ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाड खेलों में मिलने वाले पदकों की संख्या तीन गुणा बढ़ी है। 2036 के ओलंपिक की पदक तालिका में भारत टॉप 5 में होगा। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार खेलों को गांव-गांव तक पहुँचा रही है। हर खेल में बच्चों का चयन और ट्रेनिंग वैज्ञानिक ढंग से की जा रही है।

 
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