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बैंकिंग धोखाधड़ी से 21 सरकारी बैंकों को लगी 25,775 करोड़ की चपत, पीएनबी को सबसे ज्यादा 

Sun, 27 May 2018 07:51 PM IST
एजेंसी, इंदौर
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बैंक - फोटो : SOCIAL MEDIA
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वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान बैंकिंग फर्जीवाड़ा सरकारी क्षेत्र के 21 बैंकों पर काफी भारी पड़ा है। सूचना अधिकार (आरटीआई) से मिली जानकारी से इस बात का खुलासा हुआ है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष में बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों के कारण बैंकों को लगभग 25,775 करोड़ रुपये की चपत लगी है।
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मध्य प्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने यह आरटीआई डाली थी। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से भेजे जवाब से पता चला कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में धोखाधड़ी के विभिन्न मामलों से पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को सबसे ज्यादा 6461.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इतना ही नहीं 31 मार्च को समाप्त वित्तीय वर्ष में देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को धोखाधड़ी के विभिन्न मामलों के कारण 2390.75 करोड़ रुपये की चपत लगी है।

इसी अवधि में बैंकिग धोखाधड़ी से बैंक ऑफ इंडिया को 2224.86 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा को 1928.25 करोड़ रुपये, इलाहाबाद बैंक को 1520.37 करोड़ रुपये, आंध्रा बैंक को 1303.30 करोड़ रुपये, यूको बैंक को 1224.64 करोड़ रुपये, आईडीबीआई बैंक को 1116.53 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 1095.84 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 1084.50 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 1029.23 करोड़ रुपये और इंडियन ओवरसीज बैंक को 1015.79 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 
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आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इसमें धोखाधड़ी के केवल वे मामले ही शामिल हैं, जिनमें हरेक प्रकरण में बैंकों को एक लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। हालांकि धोखाधड़ी के किसी मामले का विशिष्ट ब्योरा नहीं दिया गया है।
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