उन्होंने कहा कि 21 दिन का लॉकडाउन लंबा वक्त होता है और इसकी बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से करबद्ध अपील की कि इस दौरान लोग जहां हैं वहीं रहें और घरों में रहें, अपने घरों में। साथ ही कहा कि लोग सड़क से न निकलें। संक्रमित व्यक्ति जाने-अनजाने कई लोगों को संक्रमित कर देता है। यह बहुत तेजी से फैलता है। इसके मरीजों को संख्या एक लाख तक पहुंचने में 67 दिन लगे, वहीं अगले एक लाख संक्रमित होने में केवल 11 दिन, जबकि दो से तीन लाख होने में महज चार दिन।
इटली, अमेरिका की स्वास्थ्य सुविधा बेहतरीन फिर भी हालात बेकाबू
पीएम मोदी ने कहा कि इटली, अमेरिका जैसे विकसित देशों में स्वास्थ्य सुविधा बेहतरीन हैं, फिर भी वहां की सरकारें उसे काबू करने में नाकाम रहीं। ऐसे में बचाव इसका एकमात्र उपाय है। उन्होंने कहा कि जिन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले, उन्होंने तेजी से काबू पाया। इसलिए घर के बाहर लक्ष्मण रेखा बनाएं और 21 दिन तक घर से न निकलें।
पत्रकारों, पुलिस, स्वास्थ्य व सफाईकर्मियों की तारीफ
उन्होंने कहा, उन कोरोना वारियर के बारे में सोचिये, जो दिनरात सेवा में जुटे हैं। 24 घंटे काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों, मीडियाकर्मियों, पुलिस वालों और सफाईकर्मियों के बारे में सोचिये, जो निस्वार्थ दूसरों की सेवा में जुट रहते हैं। उन्होंने कहा इस वैश्विक महामारी से बचने के लिए सरकार ने कई फैसले लिए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही हैं।
बंदी से इन्हें मुक्ति... राशन, दूध, सब्जी मिलते रहेंगे
तीन सप्ताह के लॉकडाउन के बाद अब देशभर के शिक्षण संस्थान 14 अप्रैल तक बंद रहेंगे। अभी सरकार ने 31 मार्च तक बंद रखने का फैसला लिया था। वार्षिक परीक्षा से लेकर प्रवेश परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का शेड्यूल भी आगे बढ़ाने का आदेश दे दिया गया है। मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी संस्थानों को शैक्षणिक सत्र का वैकल्पिक कैलेंडर तैयार करने को भी कहा है।
नहीं माने तो लगाया जाएगा कर्फ्यू
कोरोना वायरस से जारी लड़ाई के बीच संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने और राज्यों में लॉकडाउन का पालन न होने पर केंद्र सरकार ने कर्फ्यू लगाने को कहा है। इस बीच, वैश्विक स्तर पर कोरोना इतना भयावह हो गया कि 124 साल के इतिहास में पहली बार ओलंपिक खेल टाल दिए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, मंगलवार को 68 नए मरीजों के साथ संक्रमितों की संख्या 536 हो गई। इनमें से 41 विदेशी हैं जबकि 37 ठीक हो चुके हैं। तमिलनाडु में एक व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की संख्या 11 पहुंच चुकी है।