2020 के ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों का आयोजन इस बार जापान की राजधानी टोकियो में होने जा रहा है। खेलों का महाकुंभ कहे जाने वाले ओलंपिक में इस बार तकनीकी का बोलबाला होने वाला है। जानिए जापान कैसे लोगों को आकर्षित करने के लिए करेगा खेलों में तकनीकी का इस्तेमाल -
बेकार इलेक्ट्राॉनिक उपकरणों से बनेंगे मेडल-
टोकियो की मेजबानी में होने वाले ओलंपिक खेलों में इस बार गोल्ड, सिल्वर और कांस्य मेडल रीसाइकल किए हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान से बनेंगे। टोकियो ओलंपिक मेडल प्रोजेक्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेडलों को बनाने में 62.1 लाख सेलफोन का भी इस्तेमाल होगा। पांच हजार मेडल बनाने के लिए छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण देकर जापान के लोग इस मुहीम में सहयोग कर रहें हैं।
रोबोट करेंगे विलांग लोगों की मदद-
ओलंपिक खेलों के आयोजकों ने इस बार रोबोटों से काम लेने का फैसला किया है, उन्हें विकलांग लोगों की सेवा में लगाया जाएगा। रोबोट दिव्यांगों के लिए ना सिर्फ व्हीलचेयर लेकर चलेंगे बल्कि लोगों से उनके लिए रास्ता बनवाने का भी काम करेंगे। इस दिशा में कार्यकत ऑटो कंपनी टोयोटा कमर कसकर तैयार है।
खाने-पीने का सामान देने का काम भी संभालेंगे रोबोट-
टोयोटा जल्द ही अपने ह्यूमन सपोर्ट रोबोट (HSR) और डिलेवरी सपोर्ट रोबोट (DSR) पेश करने वाली है, जो टोकियो में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों में विशेषतौर पर विकलागों की मदद के साथ-साथ उन्हें खाने-पीने का सामान उनकी जगह पर ही उपलब्ध कराएंगे। माना जा रहा है कि करीबन 1,000 लोगों को इस तरह की सेवाओं की जरूरत पड़ेगी।
ओलंपिक में होगा इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल-
खिलाड़ियों और मेहमानों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बैट्री से चलने वाली एक सवारी तैयार की गई है। टोकियो 2020 रोबोट प्रोजेक्ट के तहत टोयोटा ने 200 एक्सेसिबल पीपल मवर्स (APM) रखने की योजना बनाई है, जिसे खेलों के दैरान भागा-दौड़ी से बचने के लिए तैयार किया गया है। इस वाहन का फायदा स्टाफ और अन्य अधिकारी भी उठा सकेंगे।