मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ोतरी पर विशेषज्ञ अरुण सहगल ने कहा कि सर्वाधिक इंटरनेट उपभोक्ता स्मार्टफोन रखने वाले हैं। ऐसे में डाटा के विस्तार के साथ टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र भी बढ़ेगा। भारतीय सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स संघ (आईसीईए) के मुताबिक देश में 120 नहीं, बल्कि 268 नई ऐसी फैक्ट्रियां हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़े कुछ और कहते हैं, लेकिन कुछ साल पहले इस क्षेत्र की फैक्ट्रियों की संख्या दहाई तक नहीं थी।
ऐसे में सरकार द्वारा दी गई सहूलियतों के चलते एपल, सैमसंग और श्याओमी (एमआई) जैसी कंपनियां भी देश में इकाइयां स्थापित करने जा रही हैं। वहीं, 25-30 छोटी कंपनियां भी इकाई स्थापित करने के आवेदन कर चुकी हैं। ऐसे में 2019 में नई इकाइयों में डेढ़ से दोगुना वृद्धि होने का अनुमान है। इसमें बैट्री, कलपुर्जे और एडॉप्टर बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हैं।
ढाई से तीन लाख नई नौकरियां
देश के आईटी उद्योग में वर्ष 2019 में करीब ढाई से तीन लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। सरकार और निजी क्षेत्र के आकलन के मुताबिक डिजिटल इंडिया पहल से आईटी, दूरसंचार और ई-कॉमर्स क्षेत्रों में वृद्धि को मुख्य तौर पर गति मिली है।
इसके अलावा डिजिटलीकरण और स्वचालन में बढ़ते निवेश, वित्तीय सेवाओं में सुधार व डिजिटल कारोबार से भी रोजगार सृजन को बल मिलेगा। 2019 में 5जी सेवाओं के शुरू करने की दिशा में बढ़ाए जाने वाले कदमों से आईटी पेशेवरों की मांग बढ़ेगी। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलपर, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, मोबिलिटी, क्लाउड इंजीनियर, नेटवर्क एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी।