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डिजिटल इंडिया के लिए सुनहरा होगा 2019, इंटरनेट उपभोक्ताओं के साथ बढ़ेंगी नौकरियां

Tue, 01 Jan 2019 04:23 AM IST
Gaurav Pandey पीयूष पांडेय, नई दिल्ली

सार

  • मोबाइल निर्माण और डाटा प्रयोग होगा डेढ़ गुना से भी ज्यादा 
  • 80 करोड़ पहुंचेगी इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 2019 में 
  • डाटा उपभोक्ता बढ़ने से निजी कंपनियों को होगा फायदा, बढ़ेंगी नौकरियां 
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विस्तार
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देश को डिजिटल बनाने की मुहिम को 2019 में पंख लगेंगे। इससे जुड़े निर्माण क्षेत्र से लेकर डाटा प्रयोग तक का बाजार दोगुना होने का अनुमान है। मोबाइल हैंडसेट और इसके कलपुर्जे की निर्माण इकाइयों में बढ़ोतरी के साथ भारतनेट के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचने से डाटा प्रयोग बढ़ेगा। विशेषज्ञों की मानें तो डिजिटल इंडिया के तहत आने वाले विभिन्न क्षेत्र 2019 में तेजी से बढ़ेंगे। इनकी वृद्धि डेढ़ा गुना तक पहुंचने का अनुमान है।  

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दूरसंचार मंत्रालय इस साल देश के 25 हजार गांवों तक पांच लाख वाई-फाई पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा करेगा। साथ ही निजी क्षेत्र की कंपनियां भी पांच लाख वाई-फाई स्थापित करेंगी, जबकि केबल टीवी के जरिये इंटरनेट को घरों तक पहुंचाने का कार्य भी पूरा किया जाएगा। आईटी विशेषज्ञ पारुल त्रिपाठी ने बताया कि 2019 में डाटा का विस्तार बड़े पैमाने पर होगा। इस समय देश में 56 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता हैं। यह आंकड़ा 2019 में 80 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। मार्च, 2016 में देश में कुल 34 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता थे। डाटा उपभोक्ता बढ़ने का फायदा निजी क्षेत्र की कंपनियों को होगा, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 

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बड़ी-छोटी नई कंपनियां आएंगी

मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ोतरी पर विशेषज्ञ अरुण सहगल ने कहा कि सर्वाधिक इंटरनेट उपभोक्ता स्मार्टफोन रखने वाले हैं। ऐसे में डाटा के विस्तार के साथ टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र भी बढ़ेगा। भारतीय सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स संघ (आईसीईए) के मुताबिक देश में 120 नहीं, बल्कि 268 नई ऐसी फैक्ट्रियां हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़े कुछ और कहते हैं, लेकिन कुछ साल पहले इस क्षेत्र की फैक्ट्रियों की संख्या दहाई तक नहीं थी। 

ऐसे में सरकार द्वारा दी गई सहूलियतों के चलते एपल, सैमसंग और श्याओमी (एमआई) जैसी कंपनियां भी देश में इकाइयां स्थापित करने जा रही हैं। वहीं, 25-30 छोटी कंपनियां भी इकाई स्थापित करने के आवेदन कर चुकी हैं। ऐसे में 2019 में नई इकाइयों में डेढ़ से दोगुना वृद्धि होने का अनुमान है। इसमें बैट्री, कलपुर्जे और एडॉप्टर बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हैं।   

ढाई से तीन लाख नई नौकरियां

देश के आईटी उद्योग में वर्ष 2019 में करीब ढाई से तीन लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। सरकार और निजी क्षेत्र के आकलन के मुताबिक डिजिटल इंडिया पहल से आईटी, दूरसंचार और ई-कॉमर्स क्षेत्रों में वृद्धि को मुख्य तौर पर गति मिली है। 

इसके अलावा डिजिटलीकरण और स्वचालन में बढ़ते निवेश, वित्तीय सेवाओं में सुधार व डिजिटल कारोबार से भी रोजगार सृजन को बल मिलेगा। 2019 में 5जी सेवाओं के शुरू करने की दिशा में बढ़ाए जाने वाले कदमों से आईटी पेशेवरों की मांग बढ़ेगी। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलपर, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, मोबिलिटी, क्लाउड इंजीनियर, नेटवर्क एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की मांग बढ़ेगी।
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