मलयाली कवि अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी
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प्रख्यात मलयाली कवि अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी को 55वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उनका चयन साल 2019 का ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए किया गया है। शुक्रवार को ज्ञानपीठ चयन बोर्ड ने इसका एलान किया।
1926 को जन्मे अक्कतीम ने कविताओं के अलावा नाटक, संस्मरण, आलोचनात्मक निबंध, बाल साहित्य और अनुवाद का उत्कृष्ट काम किया है। इनकी कई रचनाओं का कई भारतीय व विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है।
अक्कीतम की ज्यादातर रचनाओं को क्लासिक माना जाता है। बोर्ड की अध्यक्षता करने वाली ज्ञानपीठ विजेता प्रतिभा राय ने कहा कि तेजी से बदल रहे सामाजिक परिवेश में उनकी रचनाएं मानवीय भावनाओं को बड़ी ही गहराई से उकेरती हैं।
उनकी कविताओं में भारतीय दार्शनिक व सामाजिक मूल्यों का समावेश मिलता है जो कि आधुनिकता और परंपरा के बीच एक सेतु की तरह हैं। अक्कीतम में अब तक 55 किताबों का लेखन किया है। इनमें से 45 तो कविता संग्रह है। पद्मश्री से सम्मानित अक्कीतम को 1973 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1972 और 1988 में केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार के अलावा मातृभूमि पुरस्कार और कबीर सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।