स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) के प्रमुख डेन स्मिथ का कहना है कि एक तरफ कोरियाई देशों के बीच वार्ता की सफलता है, जो इस साल इस क्षेत्र में सबसे नाटकीय घटनाक्रम है। दूसरी ओर इस साल के आधार पर पुरस्कार देना क्या जल्दबाजी नहीं होगी?
वह कहते हैं कि इन चीजों को छोड़ दें तो मानवाधिकार पर किम का रिकॉर्ड उनके समर्थन के लिए काफी नहीं है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ और स्वीडिश प्रोफेसर पीटर वालेनस्टीन ने कहा कि प्योंगचांग में शीतकालीन ओलंपिक खेलों के जरिये शांति को बढ़ावा देकर मून ने अच्छा काम किया।
ट्रंप को पुरस्कार देना ठीक नहीं होगा
ट्रंप का क्या? ब्रिटेन के विदेश मंत्री रह चुके बोरिस जॉनसन और खुद मून भी कह चुके हैं कि कोरियाई द्वीप में अपनी पहल के लिए डोनाल्ड ट्रंप यह पुरस्कार जीत सकते हैं। लेकिन, ट्रंप के लिए गए फैसलों का जिक्र करते हुए डेन स्मिथ कहते हैं कि उनको पुरस्कार दिया जाना ठीक नहीं होगा। शांति की जहां तक बात है तो पेरिस जलवायु समझौते और ईरान परमाणु समझौते से बाहर होने का ट्रंप का फैसला नकारात्मक रहा है।