इससे पहले इसरो ने जीसैट-7 सैटेलाइट को लांच किया था। इसे रुक्मिणि के नाम से जाना जाता है। 29 सितंबर 2013 में लांच हुई यह सैटेलाइट नेवी के युद्धक जहाजों, पनडुब्बियों और वायुयानों को संचार की सुविधाएं प्रदान करती है। आने वाले समय में वायुसेना को जीसैट-7 सी मिलने के भी आसार हैं।
जीसैट-7ए से लंबी दूरी में मौजूद किसी भी एयरक्राफ्ट और पोत का पता लगाया जा सकेगा। इससे बाकी सैटेलाइट, ग्राउंड स्टेशन के रडार और भारतीय समुद्री क्षेत्र के स्टेशन की कवरेज को बढ़ाया जा सकेगा।