फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात में छठी बार भाजपा सरकार, जानिए किस पार्टी ने किन राज्यों में खेली लंबी पारी

Fri, 22 Dec 2017 03:18 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
विज्ञापन
- फोटो : PTI
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पूरे देश के 19 राज्यों में बीजेपी और उसके गठबंधन की सरकार है। इंदिरा गांधी के शासनकाल के बाद यह पहली बार है कि देश में किसी एक पार्टी  ने देश के इतने सारे राज्यों पर शासन कर रही है।
विज्ञापन


गुजरात विधानसभा चुनाव जीतने के बाद और मजबूत हुई है और वहां छठी बार सरकार बनाएगी। आजादी से पहले और बाद के कई वर्षों तक देश में सिर्फ एक ही पार्टी यानी कांग्रेस का एकछत्र राज था। इसे न गिना जाए तो नई पार्टियों के उदय के बाद देख के कई राज्यों में विभिन्न  पार्टियों ने लंबी पारी खेली है। इसमें पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का नाम सबसे ऊपर आता है। पार्टी के संस्थापक ज्योति बसु ने वहां पांच विधानसभा चुनाव जीते और कुल मिलाकर पार्टी ने लगातार सात बार सरकार भी बनाई। मध्यप्रदेश, सिक्किम, त्रिपुरा, ओडिशा भी इसमें शामिल है। 

ये भी पढ़ें:  गुजरात में 25 दिसंबर को शपथ ले सकती है नई सरकार, मुख्यमंत्री पर सस्पेंस

गुजरात 
भाजपा यहां सत्ता में 14 मार्च 1995 से अब तक शासन में है और आने वाले 5 वर्षों तक और शासन करने के लिए चुनाव जीत चुकी है। छह विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बुरी तरह परास्त करने के बाद से बीजेपी का परचम लहरा रहा है।  1996 में पार्टी के सदस्य शंकर सिंह वाघेला के विद्रोह के बाद एक साल पार्टी को झटका लगा था जब वाघेला की बनाई राष्ट्रीय जनता पार्टी ने भाजपा की सरकार को गिराकर अपनी सरकार बनाई। लेकिन दसवीं विधानसभा में लोगों ने फिर से भाजपा को चुना और तब से गुजरात के लोगों के लिए बीजेपी ही पहली पसंद बनी हुई है। 
विज्ञापन


दिल्ली
कांग्रेस की सत्ता दिल्ली में करीब 15 साल 25 दिन तक रही। शीला दीक्षित के कार्यकाल में दिल्ली का काफी विकास हुआ लेकिन सरकार पर कॉमन वेल्थ गेम के दौरान कई घोटालों के आरोप लगे और फिर 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कड़ी शिक्सत मिली। अपने कार्यकाल के दौरान कांग्रेस ने दिल्ली में तीन विधानसभा चुनावों में जीत हुई। तीसरी विधानसभा से पांचवीं विधानसभा तक दिल्ली की कमान कांग्रेस की नेता शीला दीक्षित के हाथों में रही। 
विज्ञापन

17 साल से अधिक समय से बीजू जनता दल की सरकार है

Naveen Patnayak
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में कांग्रेस ने 9 जून 1980 से मार्च 1995 तक शासन किया। यानी 14 साल 277 दिन तक कांग्रेस  ने महाराष्ट्र में शासन किया। कांग्रेस ने इस दौरान तीन विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। लेकिन इस बीच कई मुख्यमंत्री पद पर कई नेता आसीन हुए। 

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 14 सालों से भाजपा की सरकार है। 2000 में मध्यप्रदेश से अलग होकर राज्य बना था तब मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।  1998 में कांग्रेस को मिली जीत के चलते यहां पहला मुख्यमंत्री भी कांग्रेस से बना। इसके बाद 2003 में हुए विधानसभा चुनाव भाजपा जीती। 

मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में भी तीन विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने जीत हासिल की है। वर्ष 2003 में कांग्रेस के दस साल के शासन को खत्म करते हुए भाजपा ने राज्य में जीत दर्ज की। पहले उमा भारती और फिर बाबूलाल गौड़ आखिर में शिवराज सिंह चौहान को सत्ता मिली जो पिछले 14 सालों से पद पर आसीन हैं।

सिक्किम
सिक्किम में डेमोक्रेटिक फ्रंट पिछले 23 साल से सरकार है। 12 दिसंबर 1994 से अब तक वहां सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट की सरकार है। पांच विधानसभा चुनावों में जीत राज्य की सत्ता सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी के संस्थापक पवन कुमार चामलिंग के हाथ हैं। 12 अप्रैल 2014 को वे पांचवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। 

ओडिशा
ओडिशा में 17 साल से अधिक समय से बीजू जनता दल की सरकार है। चार विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करती रही है। नवीन पटनायक 21 मई 2014 को लगातार चौथी बार यहां के मुख्यमंत्री बने हैं।
पश्चिम बंगाल में 33 सालों तक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार रही है। 21 जून 1977 से 13 मई 2011 तक सरकार रही। यह देश में अब तक किसी भी पार्टी द्वारा लगातार सत्ता में रहे का रिकॉर्ड है। वे पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। उनके बाद दो बार मुख्यमंत्री का ताज बुद्धदेब भट्टाचार्य ने पहना।
त्रिपुरा
त्रिपुरा में 24 सालों तक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार रही। चार विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। राज्य में सातवीं से लेकर दसवीं विधानसभा में पार्टी की सरकार बनी। लगातार तीन बार से माणिक सरकार वहां मुख्यमंत्री का पद संभाल रहे हैं. 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें