हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पूरे देश के 19 राज्यों में बीजेपी और उसके गठबंधन की सरकार है। इंदिरा गांधी के शासनकाल के बाद यह पहली बार है कि देश में किसी एक पार्टी ने देश के इतने सारे राज्यों पर शासन कर रही है।
गुजरात विधानसभा चुनाव जीतने के बाद और मजबूत हुई है और वहां छठी बार सरकार बनाएगी। आजादी से पहले और बाद के कई वर्षों तक देश में सिर्फ एक ही पार्टी यानी कांग्रेस का एकछत्र राज था। इसे न गिना जाए तो नई पार्टियों के उदय के बाद देख के कई राज्यों में विभिन्न पार्टियों ने लंबी पारी खेली है। इसमें पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का नाम सबसे ऊपर आता है। पार्टी के संस्थापक ज्योति बसु ने वहां पांच विधानसभा चुनाव जीते और कुल मिलाकर पार्टी ने लगातार सात बार सरकार भी बनाई। मध्यप्रदेश, सिक्किम, त्रिपुरा, ओडिशा भी इसमें शामिल है।
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गुजरात
भाजपा यहां सत्ता में 14 मार्च 1995 से अब तक शासन में है और आने वाले 5 वर्षों तक और शासन करने के लिए चुनाव जीत चुकी है। छह विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बुरी तरह परास्त करने के बाद से बीजेपी का परचम लहरा रहा है। 1996 में पार्टी के सदस्य शंकर सिंह वाघेला के विद्रोह के बाद एक साल पार्टी को झटका लगा था जब वाघेला की बनाई राष्ट्रीय जनता पार्टी ने भाजपा की सरकार को गिराकर अपनी सरकार बनाई। लेकिन दसवीं विधानसभा में लोगों ने फिर से भाजपा को चुना और तब से गुजरात के लोगों के लिए बीजेपी ही पहली पसंद बनी हुई है।
दिल्ली
कांग्रेस की सत्ता दिल्ली में करीब 15 साल 25 दिन तक रही। शीला दीक्षित के कार्यकाल में दिल्ली का काफी विकास हुआ लेकिन सरकार पर कॉमन वेल्थ गेम के दौरान कई घोटालों के आरोप लगे और फिर 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कड़ी शिक्सत मिली। अपने कार्यकाल के दौरान कांग्रेस ने दिल्ली में तीन विधानसभा चुनावों में जीत हुई। तीसरी विधानसभा से पांचवीं विधानसभा तक दिल्ली की कमान कांग्रेस की नेता शीला दीक्षित के हाथों में रही।