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आपबीती: एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली आए करीब 200 लोग, बोले- अशरफ गनी ने धोखा दिया

Mon, 16 Aug 2021 03:06 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनना तय हो गया है। राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ चुके हैं। ऐसे में अफगानिस्तान में तनाव और डर का माहौल है। अफगानी नागरिकों के साथ दूसरे देशों के लोग भी यहां से निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
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काबुल से एयर इंडिया की फ्लाइट के जरिए दिल्ली आए लोग - फोटो : ANI
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विस्तार
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अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। इस बीच काबुल में फंसे भारतीयों को एयर इंडिया की फ्लाइट सुरक्षित वतन वापस ले आई है। एयर इंडिया की एक फ्लाइट रविवार शाम को काबुल से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। यह फ्लाइट 129 यात्रियों को लेकर आई है। पूर्व अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के वरिष्ठ सलाहकार रिजवानुल्लाह अहमदजई भी दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के ज्यादातर हिस्सों में शांति है। ज्यादातर सियासतदान और मंत्री काबुल छोड़ चुके हैं। करीब 200 लोग दिल्ली आए हैं। आइए जानते हैं दिल्ली पहुंचकर किसने क्या कहा...
  • दिल्ली आने पर अफगान सांसद अब्दुल कादिर ज़ज़ई ने कहा कि अफगान सरकार और तालिबान के बीच शांति समझौता हुआ। यह सिर्फ एक हैंडओवर प्रक्रिया थी। अब काबुल में स्थिति शांत है। पाकिस्तान तालिबान के करीबी समर्थकों में से एक है। मेरा परिवार अभी भी काबुल में है।
  • दिल्ली पहुंचने के बाद अफगान राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार रिजवानुल्ला अहमदजई ने कहा कि अफगानिस्तान के ज्यादातर हिस्सों में शांति है। मंत्रियों जैसे लगभग सभी राजनीतिक व्यक्ति काबुल छोड़ चुके हैं। करीब 200 लोग दिल्ली आ चुके हैं। मुझे लगता है कि यह नया तालिबान है जो महिलाओं को काम करने देगा। 
  • काबुल से दिल्ली आए पख्तिया प्रांत के सांसद सैयद हसन पक्तिवाल ने बताया कि मैं देश नहीं छोड़ना चाहता। मैं यहां एक बैठक के लिए आया था। मैं अफगानिस्तान वापस जाऊंगा। वहां स्थिति वास्तव में खराब है, खासकर आज रात तो हालात और भी बुरे हो गए हैं।
  • काबुल से दिल्ली पहुंची एक महिला का कहना है कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि दुनिया ने अफगानिस्तान को छोड़ दिया है। हमारे दोस्त मारे जा रहे हैं। तालिबानी हमें मारने जा रहे हैं। वहां की महिलाओं को कोई और अधिकार नहीं मिलने वाला है।
  • पूर्व अफगान सांसद और पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के दूसरे चचेरे भाई जमील करजई ने बताया कि जब मैं शहर से निकला तो काबुल पर तालिबान का कब्जा था। मुझे लगता है कि जल्द ही एक नई सरकार बनेगी। जो कुछ भी हुआ है वह अशरफ गनी की वजह से हुआ है। उसने अफगानिस्तान को धोखा दिया। लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे।
  • काबुल से दिल्ली पहुंचे बेंगलुरु के बीबीए के छात्र अब्दुल्ला मसूदी ने बताया कि वहां लोग बैंकों की ओर दौड़ रहे हैं। मैंने कोई हिंसा नहीं देखी, लेकिन मैं यह नहीं कह सकता कि वहां कोई हिंसक घटनाएं नहीं हो रही थी। मेरा परिवार अफगानिस्तान में है और मैं यहां पढ़ाई करता हूं। मेरी उड़ान पहले से ही प्लान थी। लोग काबुल से निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
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