पुणे शहर के नाना पेठ इलाके में शुक्रवार शाम को अज्ञात हमलावरों ने एक 20 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बदले की भावना से वारदात की आशंका जताई है।
मृतक की पहचान आयुष गणेश कोमकर के रूप में हुई, जो एनसीपी नेता वनराज अंडेकर का भांजा था। पुलिस के मुताबिक, घटना शाम करीब 7:45 बजे हाउसिंग सोसाइटी के पार्किंग एरिया में हुई, जहां आयुष रहता था।
हमलावरों ने चलाईं 11 राउंड गोलियां
आयुष के पिता गणेश कोमकर और मां संजीवनी पर वनराज अंडेकर की हत्या का आरोप है। यह हत्या एक साल पहले हुई थी। संजीवनी, वनराज की बहन हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'दो अज्ञात हमलावरों ने 11 राउंड गोलियां चलाईं और आयुष पर धारदार हथियार से भी हमला किया। आयुष को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।'
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हमलावरों की तलाश के लिए कई टीमें तैनात
पुलिस आयुक्त (अपराध) निखिल पिंगले ने बताया कि आयुष कक्षा से घर लौट रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। उन्होंने बताया कि पुलिस को वनराज अंडेकर हत्याकांड में आयुष की कोई भूमिका नहीं मिली है। डीसीपी ने बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस थाने की कई टीमें तैनात की गई हैं।
पिछले साल हुई थी वनराज की हत्या
पूर्व पार्षद वनराज की पिछले साल एक सितंबर को नाना पेठ इलाके में ही हत्या कर दी गई थी। उनके पिता बंडू अंडेकर का आपराधिक इतिहास रहा है। वनराज की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहन संजीवनी कोमकर, जीजा गणेश कोमकर और उसके परिवार के सदस्य जयराज कोमकर और 17 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, पारिवारिक और संपत्ति संबंधी विवाद होने का संदेह है।
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पुलिस ने टीपू पठान गिरोह के दो लोगों को किया था गिरफ्तार
दो दिन पहले, पुलिस ने अंडेकर गिरोह के सदस्यों समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और टीपू पठान गिरोह से कथित रूप से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर अंडेकर गिरोह को हथियार सप्लाई करने का शक है।