फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलवामा: ऐसे 'सफर' पर चले गए 40 जवान, जहां से कभी नहीं मिली घर आने की 'इजाजत'

Sun, 14 Feb 2021 07:34 AM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दो साल पहले आज ही के दिन पुलवामा में हुआ था आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

वो दिन...काश...वो दिन कभी आता ही नहीं...क्योंकि उस दिन हर जवान थोड़ा गमगीन था...क्योंकि उस बस में सवार हर जवान एक बार फिर अपने घरवालों से दूर आने की वजह से थोड़ा उदास था...वैसे यह उदासी पोस्टिंग पर पहुंचकर छंट जानी थी...क्योंकि उसके बाद उन सभी को भारत माता की रक्षा में लग जाना था...लेकिन वो दिन उन 40 जवानों को इतनी दूर ले गया, जहां से वापस घर जाने की इजाजत उन्हें कभी नहीं मिली...वो दिन...आज का ही दिन है, लेकिन साल दूसरा है...हां...यह वही दिन है, जो जब भी आता है...दिल में गुस्से का सैलाब ला देता है...क्योंकि इसी दिन पुलवामा में सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था...इसी दिन भारत मां के 40 लाल अपने वतन पर फनां हो गए थे...आज का दिन बेहद गमगीन है, क्योंकि यह वही दिन है...

विज्ञापन

ऐसे हुआ था हमला

तारीख 14 फरवरी...दिन गुरुवार...वक्त दोपहर 3:30 बजे...कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जवान 78 गाड़ियों से अपनी पोस्ट पर जा रहे थे। अचानक उनके काफिले की बस से एक गाड़ी टकराई और भयंकर धमाका हो गया। धुआं छंटा तो सड़क पर क्षत-विक्षत शव पड़े थे। दरअसल, यह कश्मीर में जवानों पर हुआ तीन दशक का सबसे बड़ा हमला था। इसे जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था और पूरा देश सदमे में आ गया। इस हमले को महज 20 साल के आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था। उसने 350 किलो विस्फोटक से भरी एसयूवी को सीआरपीएफ के काफिले की एक बस से टकरा दिया। 

...जब उठी सबक सिखाने की मांग

इस खौफनाक हमले में 40 जवान शहीद हो गए। पूरा देश जवानों की शहादत से भावुक और हमले से आक्रोशित हो गया। आतंकियों और उनके आकाओं से बदले की मांग उठने लगी। हमले के खिलाफ पूरा देश और राजनीतिक दल एकजुट हो गया। सभी एक सुर में पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों को सबक सिखाने की मांग करने लगे। पूरी दुनिया ने इस हमले की निंदा की। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने भी पाकिस्तान को चेतावनी दे डाली।

कौन था हमलावर? 

इस हमले को महज 20 साल के आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था। उसके माता-पिता ने बताया कि आदिल को 12वीं की परीक्षा देनी थी, लेकिन वह ऐन वक्त पर लापता हो गया। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि हमले में आईईडी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था। बाद में साफ हो गया कि आदिल ने किस तरह एसयूवी को काफिले की बस से टकराया। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश ए मोहम्मद ने ली और आदिल डार का वीडियो भी जारी किया। जांच में सामने आया कि आदिल काकापोरा का रहने वाला था और एक साल पहले ही जैश में शामिल हुआ था।

पाकिस्तान की भूमिका

हमेशा की तरह पाकिस्तान ने इस हमले में हाथ होने से इनकार किया। भारत ने उसे सख्त चेतावनी दी, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को चेताया कि वह अपनी धरती पर मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई करे। अमेरिका-फ्रांस सहित दुनिया के अधिकतर देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की। रूस के राष्ट्रपति ने पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को शोक संदेश भेजा। चीन ने घटना की निंदा जरूर की, लेकिन जैश सरगना मसूद अजहर पर अपना रवैया नहीं बदला। 
विज्ञापन

पाकिस्तान के खिलाफ उठाया यह कदम

भारत में इस हमले को लेकर आक्रोश था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षाबलों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने इस बार गंभीर गलती की है। उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों को कार्रवाई की पूरी छूट दी गई है। इसके साथ सीसीएस की बैठक में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एलान किया कि पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लिया जाता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें