Telangana: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस और तेलंगाना एंटी-नारकोटिक्स ब्यूरो ने एक ड्रग रैकेट और मनी लॉन्ड्रिंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो नाइजीरियाई नागरिक और एक मुद्रा कारोबारी को गिरफ्तार किया है।
तेलंगाना एंटी-नारकोटिक्स ब्यूरो (टीजीएएनबी) ने हैदराबाद में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले का खुलासा किया है। इस मामले में दो नाइजीरियाई नागरिक और एक मुद्रा कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है। टीजीएएनबी के अनुसार, यह कार्रवाई मादक पदार्थों की कमाई के पैसों के लेन-देन पर नजर रखने और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने के प्रयासों के तहत की गई।
छापेमारी के दौरान मिला कोकीन
जानकारी के मुताबिक, 3 अप्रैल को पुलिस ने हैदराबाद के उप्परपल्ली इलाके में एक घर पर छापा मारा और दोनों नाइजीरियाई नागरिकों और एक मुद्रा कारोबारी को हिरासत में लिया। उनके पास से 15 ग्राम कोकीन और 50 ग्राम एमडीएमए (एक प्रकार का नशे का पदार्थ) बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि ये दोनों नाइजीरियाई आरोपी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा हैं, जिसे नाइजीरिया का एबुका सूजी नाम का शख्स चला रहा है। वह पहले हैदराबाद में रह चुका है और यहीं से उसने यह नेटवर्क तैयार किया।
हैदराबाद-बंगलूरू के साथ-साथ अमेरिका में धंधा
पुलिस के अनुसार, आरोपी न केवल हैदराबाद और बंगलूरू में बल्कि अमेरिका तक ड्रग्स की सप्लाई करते थे। अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एबुका सूजी समेत 10 अन्य आरोपी फरार हैं। जुलाई 2024 में एक नाइजीरियाई महिला को 200 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार करने के बाद टीजीएएनबी को इस रैकेट के बारे में सुराग मिला।
इस तरह से चलता था ड्रग्स का कारोबार
ड्रग्स की बिक्री से जो पैसा कमाया गया, उसे अलग-अलग बैंक खातों, मनी ट्रांसफर सेवाओं और मुद्रा कारोबारी की मदद से नाइजीरिया भेजा गया। इस पूरे प्रोसेस में सभी शामिल लोग कमीशन लेते थे। टीजीएएनबी के अनुसार, फिलहाल तेलंगाना में 371 विदेशी छात्र वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद रुके हुए हैं और 18,298 विदेशी छात्रों की जानकारी विदेशी छात्र सूचना प्रणाली में अपडेट नहीं है, क्योंकि शिक्षण संस्थानों ने जानकारी नहीं दी।