जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और सांसद शरद यादव ने केन्द्र सरकार की कश्मीर पर नीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि सत्तर साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत सरकार ने कश्मीर में बातचीत के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। शरद ने कहा कि देश में आजादी मिलने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। जबकि जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के गठबंघन की सरकार है।
शरद यादव ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच में आपसी तनाव की जड़ में कश्मीर है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार और भाजपा ठीक ढंग से अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह नहीं कर रही है। जद(यू) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा-पीजीपी गठबंधन की शर्तो में है कि सरकार जम्मू-कश्मीर के सभी धड़ों से बातचीत करेगी। इसमें जम्मू-कश्मीर के कश्मीर के लोग, हुर्रियत समेत अलगाववादी धड़े तथा पाकिस्तान भी इसमें शामिल है। इसके बाद भी केन्द्र सरकार ऐसा कर रही है। शरद यादव ने कहा कि वह कश्मीर को लेकर भारत सरकार की नीति के खिलाफ हैं। इसी के साथ उन्होंने एक सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की पाकिस्तान से निबटने की नीति भी ठीक दिशा में नहीं चल रही है। इसके चलते पिछले दो साल से सीमावर्ती क्षेत्र, कश्मीर घाटी तथा राज्य में हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं।
शरद यादव पुंछ में पाकिस्तान द्वारा किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने दो जवानों शवों के साथ पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा की गई बर्बरता पर अपनी पीड़ा जाहिर की। गौरतलब है कि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने एक बार फिर भारतीय सैनिकों के शव के साथ बर्बरता की है। यह कोई पहला अवसर नहीं है जब पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने ऐसा कृत्य किया है, इससे पहले 2010 में यूपीए सरकार के दौरान भी भारतीय सैनिक का सिर कलम किया था।