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जज साहब सुना रहे थे सजा, कोर्ट में खड़ा मुस्कुरा रहा था डॉन अबू सलेम

Thu, 07 Sep 2017 04:01 PM IST
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी
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Abu Salem
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1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपियों में शामिल अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को स्पेशल टाडा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। खास बात यह है कि जिस वक्त कोर्ट में सलेम को सजा सुनाई जा रही थी, उस समय वह मुस्कुरा रहा था। दरअसल, सलेम की मुस्कुराहट के पीछे वह प्रत्यर्पण संधि है, जो उसे सजा-ए-मौत या 25 साल से ज्यादा सजा नहीं होने दे रही है।
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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वहीं दूसरा दोषी करीमुल्लाह कोर्ट में सजा सुनाते वक्त बार- बार धार्मिक किताबों की तरफ देख रहा था। अबू सलेम को कोर्ट ने उम्रकैद के साथ-साथ  2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

पढ़ें- मुंबई 1993 ब्लास्ट केस: सलेम को उम्रकैद की सजा, ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी

 बताते चलें कि 2005 में पुर्तगाल ने अबु सलेम को प्रत्यर्पण संधि के तहत भारत को सौंपा था, जिस संधि में पुर्तगाल ने कुछ शर्तों पर प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। प्रत्यर्पण की शर्त के अनुसार सलेम को दोषी पाये जाने पर न तो मौत की सजा दी जायेगी और न ही उसे 25 साल से अधिक हिरासत में रखा जाएगा। सलेम और उसकी महिला मित्र अभिनेत्री मोनिका बेदी को तीन साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पुर्तगाल ने 11 नवंबर, 2005 को भारत को सौंपा था।
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अबू सलेम के प्रत्यर्पण के समय भारत ने पुर्तगाल को इन शर्तों के पालन को आश्वासन दिया था। मालूम हो कि मुंबई की टाडा कोर्ट ने आज अबू सलेम सहित दूसरे दोषियों में ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है, जबकि करीमुल्लाह को उम्रकैद और रियाज सिद्दकी को 10 साल की सजा सुनाई है।साजिश और हत्या के आरोप में दोषी पाए गए करीमुल्लाह पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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