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1984 Anti-Sikh Riots: सज्जन कुमार को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने टाली जमानत याचिका पर सुनवाई

Fri, 04 Sep 2020 01:17 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सुप्रीम कोर्ट जुलाई में सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर विचार करेगा
  • 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार 
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सज्जन कुमार
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विस्तार
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1984 सिख विरोधी दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने बुधवार को कुमार की जमानत याचिका पर हुई सुनवाई में कहा कि वह इस याचिका पर जुलाई में विचार करेगी।

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इससे पहले, 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा था। साल 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में खोखर आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। हालांकि, कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए याचिका में खोखर के लिए आठ सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत या पैरोल देने की मांग की गई। 

खोखर और पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार 17 दिसंबर, 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से दोषी ठहराए जाने के बाद इस मामले में तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं।
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मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की बेंच ने खोखर के वकील की तरफ से पेश की गई याचिकाओं का संज्ञान लिया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के सरकार को दिए सुझाव का हवाला देते हुए कहा गया था कि महामारी को रोकने के लिए जेलों में भीड़ कम करने की आवश्यकता है।

जजों की बेंच ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से याचिका पर सुनवाई की थी, फिर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सीबीआई का प्रतिनिधित्व करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा था। इससे पहले खोखर को 15 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उनके पिता की मौत के बाद 4 सप्ताह की पैरोल दी थी।
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वरिष्ठ वकील एच एस फूलका, जो दंगा पीड़ितों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और जो अभी पंजाब में अपने पैतृक गांव में है, उन्होंने जमानत याचिका का विरोध किया।

 

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