एक वरिष्ठ सिख नेता ने दावा किया कि पीएमसी बैंक घोटाले के मद्देनजर आरबीआई की पाबंदियों के चलते पैसा उपलब्ध नहीं होने के कारण करीब 1950 सिख श्रद्धालु करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब नहीं पहुंच सके। गौरतलब है कि पीएमसी बैंक के 80 फीसदी खाताधारक सिख हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को करतारपुर गलियारे का शुभारंभ किया और 500 तीर्थयात्रियों के जत्थे को रवाना किया।
कुर्ला गुरुद्वारा समिति के सदस्य हरदेव सिंह सैनी ने कहा, निर्माण सेवक जत्था संगठन ने करतारपुर साहिब यात्रा के लिए कार्यक्रम बनाया था जिसमें नासिक, नवी मुंबई, ठाणे और नांदेड़ से करीब दो हजार सिख जाने वाले थे। इन सब श्रद्धालुओं का ब्योरा ऑनलाइन वेबसाइट पर भी दर्ज करने की पूरी तैयारी थी लेकिन तभी अचानक पीएमसी बैंक से पैसे न निकाल पाने के कारण अधिकतर ने अपना नाम वापस ले लिया।
अंत में सिर्फ 50 सिख श्रद्धालु ही करतारपुर साहिब दर्शन के लिए जा पाए। गौरतलब है कि पीएमसी बैंक पर आरबीआई के प्रतिबंधों के बाद खाताधारकों ने मुंबई स्थित आरबीआई और मुख्यमंत्री आवास पर करीब एक दर्जन से अधिक विरोध प्रदर्शन किए हैं।
तीन खातों में पैसा पर किस काम का
पीएमसी बैंक की खाताधारक रविंदर कौर सैनी ने कहा, मेरे बैंक में तीन खाते हैं लेकिन इनमें पड़ा पैसा हमारे किस काम का जब महीनों की आस भी पूरी नहीं हो सकी। हम लंबे समय से इस मौके का इंतजार कर रहे थे कि कब गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेकेंगे। लेकिन अब जब मौका है तो पैसे बैंक में पड़े हैं हाथ में कुछ नहीं।
संबंधियों की मदद कर सकें इस लायक भी नहीं
वहीं कुर्ला गुरुद्वारा समिति के प्रीतपाल सिंह सेठ ने कहा, पीएमसी बैंक के कई खाताधारक इस मौके पर अपने सगे संबंधियों की करतारपुर यात्रा में मदद भी नहीं कर पाए, क्योंकि उनके पास हाथ में पैसे नहीं हैं। तमाम सिख श्रद्धालुओं को इस बात का मलाल है।
आरबीआई ने यूं लगाई धन निकासी पर रोक
आरबीआई ने 4355 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद पीएमसी बैंक पर कड़े प्रतिबंध लगाते हुए सबसे पहले खाताधारकों के लिए एक हजार रुपये की निकासी की सीमा लगाई थी। खाताधारकों के हंगामे के बाद इसे बढ़ा कर बीस और फिर पिछले महीने ही इसे 40 हजार रुपये कर दिया था। जिसके बाद नवंबर के पहले हफ्ते में इसे 50 हजार रुपये कर दिया।