मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि पिछले दो सालों में दर्ज किए गए इन 189 मामलों में से 35 लोगों की पुलिस हिरासत में और 154 अन्य की न्यायिक हिरासत में मौत हुई है।
गुजरात सरकार ने शुक्रवार को राज्य के विधानसभा में बताया कि पिछले दो साल के अंदर सूबे में 189 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हुई है। कांग्रेस विधायक अर्जुन मोढवाडिया के पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सदन को बताया कि 2021 में हिरासत में मौत की 100 घटनाएं हुईं, जबकि 2022 में 89 लोगों की जान चली गई।
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मुख्यमंत्री ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि पिछले दो सालों में दर्ज किए गए इन 189 मामलों में से 35 लोगों की पुलिस हिरासत में और 154 अन्य की न्यायिक हिरासत में मौत हुई है। दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में पूछे गए सवाल पर पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने FIR दर्ज की है। विभागीय जांच शुरू की है, निलंबन आदेश जारी किए हैं और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 17 लाख रुपये का मुआवजा दिया है।