फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

17 से 25 फरवरी तक बाहुबली का महामस्तकाभिषेक, जुटेंगे 35 से 40 लाख जैन धर्मावलंबी

Thu, 25 Jan 2018 12:16 AM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला, श्रावणगोलबेला से लौटकर
विज्ञापन
बाहुबली
विज्ञापन
बेंगलुरु से 155 किलोमीटर दूर श्रावणबेलगोला में उलटे कटोरेनुमा विन्ध्यगिरि पर जैन संप्रदाय के पूज्य गोम्मटेश्वर भगवान बाहुबली की 58.8 फीट ऊंची प्रतिमा है। 17-25 फरवरी 2018 तक भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक होना है। 
विज्ञापन


जैन मठ के स्वामी चारुकीर्ति भट्टारक के अनुसार हर 12वें साल होने वाले इस महामस्तकाभिषेक में 35 से 40 लाख लोगों के आने की संभावना है और इसे केंद्र में रखकर तेजी से तैयारियां की जा रही हैं। स्वामी भट्टारक के अनुसार इसके लिए कर्नाटक सरकार भी भरपूर सहायता दे रही है।

स्वामी भट्टारक के अनुसार महामस्तकाभिषेक में आना जैन धर्म के लोग अपना सौभाग्य समझते हैं। ऐसे में भगवान बाहुबली की मूर्ति के महामस्तकाभिषेक के लिए जर्मन तकनीक से प्लेटफार्म तैयार किए जा रहे हैं। इस पर एक साथ ढाई-तीन हजार लोग आ सकेंगे। 
विज्ञापन


स्वामी भट्टारक के अनुसार चूंकि भगवान बाहुबली की भव्य मूर्ति का निर्माण 981 में सेनापति चामुंडराय द्वारा कराया गया था, इसलिए महामस्तकाभिषेक की तैयारी में लगे इंजीनियर और एजेंसियां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य सरकार की एजेंसियों के साथ परामर्श करके इसे पूरा कर रही हैं।

स्वामी भट्टारक के अनुसार पिछली बार यह आयोजन 2006 में हुआ था और तब करीब 25 लाख लोग आए थे। इस बार रेल यातायात की सुविधा हो जाने तथा अन्य साधनों के अमल में लाए जाने के कारण यह संख्या डेढ़ गुनी तक बढ़ सकती है। 

इसे ध्यान में रखकर प्रबंधन समिति लोगों को ठहराने, खाने-पीने, भोजन, सुरक्षा समेत अन्य तैयारियों में लगी है। इसके लिए 12 नगर बसाए जा रहे हैं। 17 भोजनशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें हर भोजनशाला में करीब 30 हजार लोग हर दिन भोजन कर सकेंगे।

राष्ट्रपति करेंगे बाहुबली का दर्शन

बाहुबली
स्वामी भट्टारक के अनुसार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सात फरवरी को श्रावणबेलगोला में भगवान बाहुबली का दर्शन करेंगे। वह 17-25 फरवरी तक होने वाले महामस्तकाभिषेक की तैयारियों का भी जायजा लेंगे। स्वामी ने बताया कि यह आयोजन चामुण्डराय द्वारा बाहुबली की मूर्ति का निर्माण कराने के साथ तय मानदंडों के आधार पर होता आ रहा है। 

हर बार साल में एक बार महामस्तकाभिषेक किया जाता है। इससे पहले हर महामस्तकाभिषेक में देश के प्रधानमंत्री और सरकार की शीर्ष हस्तियां हिस्सा लेती रही हैं। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू भी इंदिरा गांधी के साथ श्रावणबेलगोला गए थे और भगवान बाहुबली की पूजा की थी। नेहरू ने इस स्थान के संरक्षण के लिए खास निर्देश दिए थे।

ये है महामस्तकाभिषेक की थीम

आपका सौभाग्य बुला रहा है। यह महामस्तकाभिषेक की थीम है। जैन अनुयायी के अनुसार यही हमारी काशी है। यही हमारा कुंभ है। इस आयोजन में जैन ही नहीं बल्कि दूसरे धर्म, संप्रदाय के लोग भी हिस्सा लेते हैं। महामस्तकाभिषेक के दौरान यहां जैन साधु, मुनि, त्यागी, संत, माताएं सभी होती हैं। भगवान बाहुबली के सत्य, अहिंसा और शांति के रास्ते पर चलने का संदेश देती हैं, ताकि विश्व के मानव समाज में शांति की स्थापना की जा सके। 

स्वामी भट्टारक का कहना है कि गोम्मटेश्वर भगवान बाहुबली तीर्थंकर श्री ऋषभदेव के पुत्र थे। वह विष्णु के अवतार माने गए और अयोध्या के राजा थे। उनकी दो रानियां थीं। एक रानी से 99 पुत्र और एक पुत्री तथा दूसरी से गोम्मटेश्वर भगवान बाहुबली तथा एक पुत्री सुंदरी थी। बाहुबली का अपने ही भाई भरत से उनके शासन, सत्ता के लोभ तथा चक्रवर्ती बनने की इच्छा के कारण दृष्टि युद्ध, जल युद्ध और मल्ल युद्ध हुआ था। 

इसमें बाहुबली विजयी रहे, लेकिन उनका मन ग्लानि से भर गया और उन्होंने सब कुछ त्यागकर तप करने का निर्णय लिया। मानव जाति को अहिंसा और शांति के संदेश दिए, इसलिए उनके महामस्तकाभिषेक का जैन धर्मावलंबियों में बड़ा महत्व है।

किसी को नहीं किया तंग

बाहुबली
स्वामी भट्टारक ने कहा कि महामस्तकाभिषेक जैसे महा आयोजन में प्रबंधन समिति ने हर किसी का ध्यान रखा है। करीब 400 एकड़ क्षेत्र को आयोजन के लिए अधिग्रहण किया गया। इसके लिए किसानों की फसल आदि का ध्यान रखकर उन्हें उचित मुआवजा देकर इसे अंजाम दिया जा रहा है। 30 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था की जा रही है। 

उनके लिए जल प्रबंधन, अस्थाई शौचालय समेत सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। मंच को बनाने में जहां जर्मन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, वहीं इसमें करीब 12 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। विकलांग या आने जाने में अक्षम लोगों के लिए 150-200 डोली की व्यवस्था की जा रही है।

राज्य सरकार ने दी सहायता, केंद्र से आश्वासन

बाहुबली के महामस्तकाभिषेक पर करीब तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसकी तैयारियों के लिए राज्य की सिद्धारमैय्या सरकार ने करीब 185 करोड़ रुपये की सहायता दी है। इसमें से 175 करोड़ रुपये क्षेत्र के विकास, नगर बसाने, संसाधन तैयार करने तथा महामस्तकाभिषेक को सकुशल संपन्न कराने के क्रम में है। 

वहीं केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने प्रबंधकों को सहायता मिलने का भरोसा जताया है। इसे देखते हुए पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 23 विशेष ट्रेन चलाने तथा बंगलूरू से श्रावणगोलबेला तक नियमित रेलगाड़ी चलाने का रास्ता साफ किया है।
विज्ञापन

सबका रखेंगे ध्यान

बाहुबली
बेंगलुरु से श्रावणबेलगोला तक की दूरी करीब 155 किलोमीटर है। इसे देखते हुए यातायात का खास ध्यान रखा गया है। प्राइवेट टैक्सी चालकों से सुविधाजनक शुल्क में टैक्सी, किराए पर वन टाइम पासवर्ड के माध्यम से आधारकार्ड के जरिए मोटर साइकिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा हेली पैड, 400 विशेष बस, 5 किमी की दूरी तक के यातायात के लिए मिनी बसों आदि की व्यवस्था की गई है। 

बंगलूरू से हर दो घंटे पर श्रावणबेलगोला के लिए रेलगाड़ी की व्यवस्था है। रहने के लिए 12 नगर, 17 मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराने वाले विशाल भोजनालय समेत साफ-सफाई आदि की भरपूर व्यवस्था की जा रही है। स्वामी भट्टारक का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में यह तैयारी पूरी कर ली जाएगी।

भगदड़ रोकने के खास इंतजाम

30 से 40 लाख जैनधर्मावलंबियों का जमघट, महामस्तकाभिषेक और इसके लिए तीन सीढ़ियों वाले रास्ते और छोटा सा श्रावणबेलगोला। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा इंतजाम का है। खास प्रयास दर्शनार्थी और महामस्तकाभिषेक में हिस्सा लेने वालों को भगदड़ जैसी स्थिति से बचाना है। प्रबंधकों का कहना है कि इसके लिए राज्य सरकार की सुरक्षा एजेंसी के साथ तालमेल बनाकर तैयारी की जा रही है। 

एक बार में क्षमता के अनुरूप तीन-पांच हजार लोगों को ही बाहुबली की मूर्ति के पास तक जाने दिया जाएगा। वहां लोगों की मौजूदगी को लेकर खास सतर्कता बरती जाएगी। आतंकी हमले की संभावना को देखते हुए बम निरोधक दस्ता, आतंकवाद निरोधक दस्ता, खोजी कुत्तों का दस्ता, एंबुलेस, स्वास्थ्य सेवाएं आदि के इंतजाम हैं। इतना ही नहीं त्यागी नगर समेत 12 नगरों से लेकर महामस्तकाभिषेक स्थल तक राज्य पुलिस के करीब सात हजार जवानों, अफसरों, सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।

आइए सौभाग्य बुला रहा है

भगवान बाहुबली के दर्शन कीजिए। महामस्तकाभिषेक में हिस्सा लीजिए और धन्य धन्य हो जाइए। 17 फरवरी से 25 फरवरी 2018 तक महामस्तकाभिषेक होगा। जल, हल्दी, चंदन, दूध, चावल के पाउडर, नारियल पाउडर, फूल आदि से यह संपन्न होगा। सुबह आठ बजे से दो बजे तक महामस्तकाभिषेक का कार्यक्रम कलश की बुकिंग कराने वाले तथा जैन संतों, साधु संन्यासियों, मुनियों, दिगंबरों के लिए होगा और इसके बाद आम जनता के लिए इसे खोल दिया जाएगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें