राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि अदालतों में कुल 17000 जज हैं। इनमें से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 4700 महिलाएं जज हैं। इसके अलावा उच्च न्यायपालिका में पारंपरिक रूप से कमजोर वर्ग जैसे ओबीसी, एससी और एसटी की संख्या बहुत कम है, इन्हें बढ़ाने की जरूरत है। यह बात उन्होंने आज दिल्ली में कही।
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उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के साथ समझौता किए बिना हमें इस स्थिति का समाधान करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि अन्य सार्वजनिक संस्थानों की तरह हमारी न्यायपालिका को भी न्यायसंगत होना चाहिए।