2014 में दोबारा सांसद बने 153 सांसदों की संपत्ति महज पांच साल में 5.5 करोड़ से 142 फीसदी बढ़कर 13.32 करोड़ हो गई। यह चौंकाने वाला तथ्य नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमॉक्रेटिक रिफॉर्म की पड़ताल में सामने आया है। एडीआर ने 2009 और 2014 में हुए चुनाव के दौरान सांसदों की ओर से चुनाव आयोग के सामने घोषित संपत्ति के विवरण को इस आकलन का आधार बनाया।
रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा में डा. रामशंकर कथेरिया की संपत्ति 869 प्रतिशत और शत्रुघ्न सिन्हा की संपत्ति में 778 प्रतिशत का इजाफा हुआ। रावसाहब दादाराव की संपत्ति 660 प्रतिशत, अर्जुन राम मेघवाल की संपत्ति 608 प्रतिशत, डीवी सदानंद गौड़ा की संपत्ति 558 फीसदी बढ़ी। वरुण गांधी की संपत्ति में 625 फीसदी का इजाफा हुआ। औसतन पार्टी के दोबारा चुने गए सांसदों की संपत्ति में 140 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसकी तुलना में 2014 में कांग्रेस के दोबारा चुने गए सांसदों की संपत्ति में औसत रूप से 109 फीसदी का इजाफा हुआ। केरल के कोडिकुन्नील सुरेश की संपत्ति में 702 प्रतिशत, कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की संपत्ति में 573 और राहुल गांधी की संपत्ति में 304 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
किसकी संपत्ति कितनी बढ़ी
ईटी मोहम्मद बशीर (आईयूएमल) - 2018 प्रतिशत
टीमएसी के शिशिर कुमार अधिकारी -1700 प्रतिशत
अन्नाद्रमुक सांसद पी वेणुगोपाल - 1281 प्रतिशत
इनकी संपत्ति कम हुई
पी करुणकरण, सीपीआई(एम) - 67 प्रतिशत
जगदंबिका पाल, भाजपा - 64 प्रतिशत
अर्जुन चरण सेठी, बीजेडी -39 प्रतिशत
ओम प्रकाश योदव, भाजपा -39 प्रतिशत
केवी थॉमस, कांग्रेस-21 प्रतिशत