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सुखद : आम्रपाली प्रोजेक्ट के 1487 फ्लैट तैयार, पोजेशन देने की कवायद शुरू

Tue, 06 Apr 2021 03:31 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

  • कोर्ट रिसिवर ने अदालत को यह भी बताया कि आम्रपाली के कुछ प्रोजेक्ट में 11 हजार जो खरीदार पहले से रह रहे हैं उन्होंने पोजेशन में हुई देरी के लिए मुआवजे की मांग की है।
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सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को जानकारी दी गई कि गत वर्ष अगस्त से लेकर मार्च 2021 के बीच आम्रपाली परियोजनाओं से जुड़े 1487 फ्लैट तैयार हुए हैं और फ्लैट खरीदारों का परीक्षण किया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि खरीदारों पर बकाया तो नहीं है। बकाया न होने पर खरीदारों को फ्लैट का पोजेशन दे दिया जाएगा।

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दरअसल, जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहौटी ने सवाल उठाया कि पिछले वर्ष अगस्त से लेकर अब तक कई फ्लैट बनकर तैयार हो गए हैं लेकिन अभी तक खरीदारों को पोजेशन नहीं मिल पाया है।

इस पर कोर्ट रिसिवर ने अपनी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि गत वर्ष अगस्त से लेकर मार्च, 2021 तक एनबीसीसी ने 1487 फ्लैट तैयार कर लिए हैं।

फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि किन खरीदारी के पास बकाया है और किनके पास नहीं। इसकी जांच पड़ताल पूरी होने के बाद खरीदारों को फ्लैट सौंप दिया जाएगा। इस पर पीठ ने कोर्ट रिसिवर से इस संबंध में विस्तृत परीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
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सुनवाई के दौरान आम्रपाली के डायरेक्टर और सीईओ से 912 करोड़ की रिकवरी मामले का भी मसला भी उठा। खरीदारों की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि तीन  मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने डायरेक्टर अजय कुमार 10 करोड़ जमा करने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक यह रकम जमा नहीं की गई है।

इस पर पीठ ने कोर्ट रिसीवर को गौर करने के लिए कहा है। कोर्ट रिसिवर ने अदालत को यह भी बताया कि आम्रपाली के कुछ प्रोजेक्ट में 11 हजार जो खरीदार पहले से रह रहे हैं उन्होंने पोजेशन में हुई देरी के लिए मुआवजे की मांग की है। कोर्ट ने खरीदारों के वकील से इस बारे मे जवाब दाखिल करने को कहा है।

सुनवाई के दौरान आम्रपाली के कुछ प्रोजेक्ट में बनाए गए दुकानों का मसला भी उठाया गया। वकील लाहौटी ने कोर्ट को बताया कि इन दुकानों को अवैध बताकर उसे तोड़ने के  लिए अथॉरिटी ने पहल की है। सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट रिसिवर और फॉरेंसिक ऑडिटर से इन दुकानों की वैधता परखने को कहा है और नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई अब 12 अप्रैल को होगी।

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