14 महीना का सोमनाथ अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसका दिल आज भी धड़क रहा है। दुनिया से जाते-जाते उसने वो कर दिखाया जो बड़े से बड़ा व्यक्ति करने में डरता है। सुरत के रहने वाले सोमानाथ की मौत तो हो गई लेकिन उसने दो लोगों को नई जिंदगी दी।
सोमनाथ का दिल एक तीन साल की लड़की को ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि उसकी किडनी को 15 साल के एक बच्चे को प्रत्यारोपित किया गया। सोमनाथ पश्चिम भारत का सबसे कम उम्र का मृत डोनर बना गया है। उसके दिल को हवाई जहाज से मुंबई लाया गया और नवी मुंबई की आराध्या योगेश के शरीर में प्रत्यारोपित किया गया।
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हृदय प्रत्यारोपण करने वाले डॉक्टर ने बताया कि आराध्या पिछले डेढ़ साल से दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। जिसके लिए एक छोटे बच्चे के दिल की जरूरत थी। उसी वक्त हमें सोमनाथ के बारे में पता चला, जिसके वजह से आराध्या की जान बच सकी।
गौरतलब है कि सोमनाथ को डॉक्टरों ने 4 सितंबर को ब्रेनडेड घोषित कर दिया था। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने शहर के एक एनजीओ से संपर्क किया, जो उसके माता-पिता को अंगदान के लिए मना सके। सोमनाथ के पिता ने बताया कि मैंने और मेरी पत्नी ने बेटे के लिए भगवान से प्रार्थना की थी, लेकिन हमें ये नहीं पता था कि वह इतनी जल्द चला जाएगा। क्या हुआ अगर हमने अपना बेटा खो दिया? वह अभी भी आराध्या में जिंदा है।