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बलिया में मध्याह्न भोजन खाने से 139 बच्चे पड़े बीमार

Sun, 20 Mar 2016 08:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया

सार

  • खाने का नमूना सील, बीएसए, प्रधानाध्यापिका सहित शिक्षकों को बनाया था बंधक
  • सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जाना हाल
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छात्र
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विस्तार
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ब‌‌लिया में बेलहरी के प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर में शनिवार की दोपहर मध्याह्न भोजन खाने से 139 बच्चे बीमार हो गए। उनकी हालत बिगड़ने पर अभिभावक स्कूल पहुंच गए। नोकझोंक के गुस्साए ग्रामीणों ने वहां पहुंचे बीएसए समेत प्रधाध्यापिका और तीन शिक्षकों को बंधक बना लिया।
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बीमार सभी139 बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने करीब दो घंटे बाद स्थिति को कंट्रोल कर लिया। प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी के बाला जी तथा एसपी मनोज कुमार झा सहित अन्य कई अफसर जिला अस्पताल पहुंच गए। मध्याह्न भोजन का सैंपल सील करने के साथ ही बीएसए ने प्रधानाध्यापिका और तीन शिक्षकों को निलंबित करते हुए तीनों रसोइयों की सेवा समाप्त कर दी। इसके अलावा शिक्षा प्रेरक को कार्य मुक्त कर दिया।

इस पूरे मामले की जांच बैठा दी गई है। प्रधानाध्यापिका सहित पांच लोगों के खिलाफ हल्दी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। हल्दी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को कक्षा पांच के बच्चों का विदाई समारोह था। इसमें कक्षा एक से पांच तक के 139 बच्चे शामिल हुए थे। 
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प्रधानाध्यापिका प्रतिभा उपाध्याय ने बच्चों के लिए बनाया था खाना

अस्पताल में छात्र
प्रधानाध्यापिका प्रतिभा उपाध्याय ने बच्चों के लिए खास तौर पर पूड़ी, छोला, आलू और परवल की सब्जी बनवाई थी। जिसे खाने के बाद बच्चे घर चले गए। कुछ ही देर बाद उन्हें उलटी होने लगी और थोड़ी देर में सारे बच्चे इससे पीड़ित हो गए। यह देख अभिभावक बच्चों के साथ विद्यालय पहुंचे और उल्टी का कारण पूछने लगे।

देखते ही देखते वहां सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति बिगड़ते देख तीन सहायक अध्यापक अनुराधा, देवेंद्र प्रसाद और भोला भारती मौके से भाग निकले। इस मौके पर आस-पास के विद्यालयों से भी कुछ शिक्षक आए हुए थे। बवाल की आशंका को देखते हुए उन लोगों ने प्रधानाध्यापिका को वहां से हटाना चाहा। इस पर शिक्षकों और ग्रामीणों में नोकझोंक होने लगी। इस पर शिक्षकों ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया। इस बीच ग्रामीणों ने बच्चों को टेंपो, एंबुलेंस सहित अन्य साधनों से जिला अस्पताल पहुंचाया।

सूचना मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह भी विद्यालय पर पहुंच गए, वहां उन्होंने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों से घटना की जानकारी ली। इस बीच गुस्साए ग्रामीणों ने सभी को बंधक बना लिया। बीएसए ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी तो एसडीएम बैरिया देवेश कुमार गुप्त, तहसीलदार सदर मनोज पाठक, कानूनगो सुरेंद्र प्रसाद, सीओ बैरिया त्रैयंबक दुबे, बैरिया एसओ, दुबहर एसओ सत्यप्रकाश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और डेढ़ घंटे बाद बीएसए समेत प्रधानाध्यापिका और शिक्षकों को मुक्त कराया।

बाद में बीएसए ने प्रधानाध्यापिका के अलावा तीन शिक्षक अनुराधा, देवेंद्र प्रसाद, भोला भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही भोजन बनाने में लापरवाही पर तीनों रसोइयों गीता, रंजू तथा ललिता की सेवा समाप्त कर दी। जबकि प्रेरक दिलीप राम को कार्य मुक्त करते हुए उनकी सेवा समाप्त की संस्तुति डीएम से की है।  गांव के संजय भारती समेत दस अभिभावकों की तहरीर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सहित पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।  

घटना की जानकारी होते ही भाजपा सांसद भरत सिंह नागेंद्र पांडेय, सपा विधायक नारद राय के प्रतिनिधि मृत्युंजय तिवारी, पूर्व चेयरमैन संजय उपाध्याय, पूर्व जोनल कोआर्डिनेटर मिठाईलाल भारती, सपा जिलाध्यक्ष संग्राम यादव, लक्ष्मण यादव और गोपाल पाठक ने अस्पताल जा कर बच्चों के उपचार की जानकारी ली।
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