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PFI ban: देश में सिमी समेत 13 संगठन पहले से हैं प्रतिबंधित, कोई पूर्वोत्तर तो कोई कश्मीर में फैलाता था हिंसा

Wed, 28 Sep 2022 03:30 PM IST
हिमांशु मिश्रा रिसर्च डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PFI देश का पहला संगठन नहीं है, जिसपर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है। इसके पहले भी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहे कई संगठनों पर प्रतिबंधन लग चुका है। आइए जानते हैं, वो कौन से संगठन हैं, जिनपर प्रतिबंध लगा हुआ है? इन संगठनों पर किस कानून के तहत प्रतिबंधन लगाया गया है?  
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पीएफआई पर बैन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उससे जुड़े सात संगठनों पर गृह मंत्रालय ने पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है। बुधवार को सरकार ने PFI के साथ उसके सात सहयोगी संगठनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। इन संगठनों पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा देश में दंगा, हत्याएं कराने का भी आरोप है। NIA ने जांच में पाया है कि ये संगठन गलत तरीके से विदेशों से फंडिंग मंगाते थे और उसका प्रयोग देश में अशांति फैलाने के लिए करते थे। 
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PFI देश का पहला संगठन नहीं है, जिसपर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है। इसके पहले भी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहे कई संगठनों पर प्रतिबंधन लग चुका है। आइए जानते हैं, वो कौन से संगठन हैं, जिनपर प्रतिबंध लगा हुआ है? इन संगठनों पर किस कानून के तहत प्रतिबंधन लगाया गया है?  

कितने संगठनों पर पहले भी बैन लग चुका है?
गैर कानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर आज से पहले 13 संगठनों पर सरकार बैन लगा चुकी है। इन संगठनों पर 1967 के गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है। इसके अलावा अब तक 42 आतंकवादी संगठनों पर सरकार गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंध लगा चुकी है। 
 

PFI से पहले प्रतिबंधित हुए 13 संगठन कौन से थे?
गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त रहे प्रतिबंधित 13 संगठनों में सबसे चर्चित नाम सिमी का है। इसके साथ ही उत्तर पूर्व और कश्मीर में हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे कई संगठन इस लिस्ट में शामिल हैं। 
 
प्रतिबंधित 13 संगठन
1. स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) 
2. यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (ULFA)
3. नेशनल डेमोक्रेटिक्स फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (NDFB) 
4. मणिपुर के मैतेई चरमपंथी संगठन
- पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और इसका राजनीतिक संगठन रिवॉल्युनेशरी पीपुल्स आर्मी (RPF) 
- यूनाईटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) और इसका आर्म्स विंग मणिपुर पीपल्स आर्मी (MPA)
- पीपुल्स रिवॉल्युनेशरी पार्टी ऑफ कांग्लीपीक (PREPAK) और इसका आर्म्स विंग रेड आर्मी
-  कांग्लीपीक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP)
- कंगलेई याओल कंबा लुपी (KYKL)  
- कोआर्डिनेशन कमेटी (CorCom)
- अलायंस फॉर सोशलिस्ट यूनिटी  कांग्लीपीक (ASUK)
5. ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्सेज  (ATTF)
6. नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (NLFT)
7. हायरुइउट्रेप नेशनल लिबरेशलन काउंसिल (HNLC)
8. लिबरेशन टाइर्ग्स ऑफ तमिल एलम
9. नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (Khaplang)
10. इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF)
11. जमात-ए-इस्लामी (JeI), जम्मू कश्मीर
12. जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (मोहम्मद यासीन मलिक)
13. सिख फॉर जस्टिस (SFJ)

 

किस कानून के तहत लगाए गए हैं प्रतिबंध? 
गृह मंत्रालय ने इसको लेकर अपने आधिकारिक वेबसाइट पर सूचना दी है। इसके अनुसार,  गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के सेक्शन तीन के तहत गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त संगठनों पर प्रतिबंधन लगाया गया है। इसके साथ ही 42 आतंकी संगठनों को भी इसी अधिनियम के सेक्शन 35 के तहत प्रतिबंधित किया गया है।  लगाया है। 
 

42 प्रतिबंधित आतंकी संगठन कौन से हैं?
1. बब्बर खालसा इंटरनेशनल
2. खालिस्तान कमांड फोर्स
3. खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स
4. इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन
5. लश्कर-ए-तैयबा/पासबन-ए-अहले हदीस
6. जैश-ए-मोहम्मद / तहरीक-ए-फुरकान
7. हरकत-उल-मुजाहिदीन/ हरकत-उल-अंसार
8. हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन
9. अल-उमर अल-मुजाहिदीन
10. जम्मू एंड कश्मीर इस्लामिक फ्रंट
11. यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा)
12. नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी)
13. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए)
14. यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ)
15. पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कंगलीपाक (PREPAK)
16. कंगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी)
17. कंगलेई याओल कानबा लुप
18. मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (एमपीएलएफ)
19. ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स
20. नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा
21. लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE)
22. स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया
23. दीनदर अंजुमन
24. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनिस्ट)
25. माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (एमसीसी)
26. अल बद्र
27. जमीयत-उल-मुजाहिदीन
28. अल-कायदा
29. दुख्तारन-ए-मिल्लत (डीईएम)
30. तमिलनाडु लिबरेशन आर्मी (TNLA)
31. तमिल नेशनल रिट्रीवल ट्रूप्स (TNRT)
32. अखिल भारत नेपाली एकता समाज (ABNES)
33. यूएन प्रिवेंशन एंड सप्रेशन ऑफ टेररिज्म की सूची में दर्ज सभी संगठन
34. इंडियन मुजाहिद्दीन
35. गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी (GNLA)और इससे जुड़े सारे संगठन।
36. कामतापुर लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन और इससे जुड़े सारे संगठन।
37. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (Maoist)  और इससे जुड़े सारे संगठन।
38. इस्लामिक स्टेट, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक, लिवेंट/इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक, सीरिया, दैश और इससे जुड़े सभी संगठन
39. नेशनल सोसालिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (Khaplang) NSCN (K) और इससे जुड़े सारे संगठन
40. द खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) और इससे जुड़े सारे संगठन
41. तहरीक-ए-मुजाहिद्दीन (TuM) और इससे जुड़े सारे संगठन
42. जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश, जमात-उल-मुजाहिद्दीन भारत, जमात-उल-मुजाहिद्दीन हिंदुस्तान और इससे जुड़े सारे संगठन

 

PFI के साथ उसके किन सहयोगी संगठनों पर पाबंदी लगाई गई है?
 गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि PFI ने समाज के विभिन्न वर्गों, युवाओं, छात्रों और कमजोर वर्गों को निशाना बनाने के लिए अपने कई सहयोगी संगठनों की स्थापना की। इसका मकसद अपना प्रभाव बढ़ाना और फंड जुटाना रहा। जिन संगठनों पर पाबंदी लगाई गई है, उनमें कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, रिहैब इंडिया फाउंडेशन, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कन्फेडेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइंजेशन, विमेंस फ्रंट, जूनियर फंर्ट, एंपावर इंडिया फाउंडेशन शामिल हैं। 

सरकार का कहना है कि रिहैब इंडिया PFI के सदस्यों के माध्यम से धन जुटाता है और जबकि कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, एम्पार इंडिया फाउंडेशन, रिहैब फाउंडेशन और केरल के कुछ सदस्य PFI के भी सदस्य हैं तथा PFI के नेता जूनियर फ्रंट, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स आर्गनाइजेशन और नेशनल वीमेन फ्रंट की गतिविधियों की निगरानी और समन्वय करते हैं।

PFI ने समाज के विभिन्न वर्गों जैसे युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं, इमामों, वकीलों या समाज के कमजोर वर्गों के बीच अपनी पहुंच को बढ़ाने के इरादे से उक्त सहयोगी संगठनों की स्थापना की है। PFI का संबंध पूर्ववर्ती स्टुडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के भी सदस्य रहे थे। सिमी पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। 
 
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एक हफ्ते में दो बार मारे छापे, 300 से ज्यादा गिरफ्तार
बता दें, NIA, ईडी और विभिन्न राज्यों की पुलिस ने PFI के खिलाफ बीते एक सप्ताह में देशभर में कई जगह छापे मारकर 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई 22 और 27 सितंबर को की गई थी। 22 सितंबर को छापेमारी में 106  PFI कार्यकर्ता व नेता गिरफ्तार हुए थे, जबकि 27 सितंबर को 247 गिरफ्तार किए गए या हिरासत में लिए गए थे।
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