देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के स्तर को लेकर बेशक खूब बड़ी-बड़ी बातें की जाती हों और सरकार रोज नए नए लक्ष्य तय करती हो लेकिन हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट है।
उच्च शिक्षण संस्थानों को लेकर सरकार की बेरुखी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश में मैनेजमेंट की पढ़ाई करवाने वाले सबसे उच्च संस्थान IIM में निदेशक के दर्जनभर से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। आलम ये है कि कुल 20 में से 13 आईआईएम बिना निदेशक के चल रहे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार लोकसभा में सरकार ने खुद एक सवाल के जवाब में इसकी लिखित जानकारी दी।
मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय ने बताया कि आईआईएम बंगलुरू, काझीकोड़, रोहतक, रांची, रायपुर, उदयपुर, त्रिरुचिरापल्ली, अमृतसर, सिरमौर, बौद्ध गया, संबलपुर, नागपुर और विशाखापत्तनम के आईआईएम में लंबे समय से डायरेक्टर के पद खाली पड़े हैं।