मेघालय में पूर्वी जैंतिया हिल्स इलाके की एक खान में 13 मजदूर फंस गए हैं। इस मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा का कहना है कि यह बेहद मुश्किल और जटिल स्थिति है। एनडीआरएफ की टीम उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है लेकिन यह काफी मुश्किल लग रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हम चाहे जितने भी पंप लगा रहे हैं लेकिन पानी का प्रेशर इतना ज्यादा है कि उसका स्तर कम करने में परेशानियां आ रही हैं। हम बहुत प्रयास कर रहे हैं लेकिन स्तर काफी अधिक है। जिस दिन यह घटना घटित हुई उसी दिन मैंने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू से बात की और मदद की मांग की।"
बता दें बीते हफ्ते गुरुवार के दिन लुमथरी इलाके के तीन स्थानीय निवासियों सहित कुल 13 मजदूर कोयला खदान में फंस गए थे। ऐसा माना जा रहा है कि खनिकों ने तीन-चार दिन पहले ही खनन शुरू किया था। उसी दिन से फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई है। एनडीआरएफ के 60 से अधिक सदस्यों वाले दो दल शुक्रवार की सुबह ही पहुंच गए थे। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 12 सदस्य घटनास्थल पर पहले से ही मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक ये खदान 370 फीट गहरी है और पानी का स्तर 70 फुट है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से पांच लोग बाहर आ गए थे लेकिन इन पांच लोगों के बारे में भी अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। बता दें नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल ने 17 अप्रैल, 2014 से राज्य में असुरक्षित तरीके से कोयला खनन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। वहीं पुलिस ने खदान का संचालन करने वाले जेम्स सुखलैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल सुखमैन फरार चल रहा है।