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अध्ययन: उपचार के बिना मधुमेह संग जिंदगी जी रहे 13 करोड़ भारतीय, करीब 30 फीसदी मरीजों को बीमारी का ही नहीं पता

Wed, 27 Nov 2024 05:07 AM IST
दीपक कुमार शर्मा परीक्षित निर्भय, अमर उजाला

सार

1990 से 2022 के बीच प्रकाशित करीब 1,108 चिकित्सा अध्ययनों में शामिल 14.10 करोड़ से ज्यादा प्रतिभागियों के चिकित्सा इतिहास के आधार पर यह रिपोर्ट जारी की गई है। इसके मुताबिक भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या करीब 21 करोड़ से ज्यादा है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारत में 13 करोड़ से ज्यादा मधुमेह रोगी उपचार नहीं ले रहे हैं। मौजूदा समय में भारत में करीब 30 फीसदी मधुमेह रोगियों में से कुछ ऐसे हैं जिन्हें अपनी बीमारी के बारे में पता नहीं है। वहीं बाकी रोगी पता होने के बावजूद उपचार नहीं ले रहे हैं। हालांकि इसके पीछे मुख्य कारण स्पष्ट नहीं है। द लांसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में यह दावा किया है।

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यूके मेडिकल रिसर्च काउंसिल, यूके रिसर्च एंड इनोवेशन (रिसर्च इंग्लैंड) और अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के शोधकर्ताओं ने इस रिपोर्ट में दुनिया भर के देशों में मधुमेह रोगियों की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी है। 1990 से 2022 के बीच प्रकाशित करीब 1,108 चिकित्सा अध्ययनों में शामिल 14.10 करोड़ से ज्यादा प्रतिभागियों के चिकित्सा इतिहास के आधार पर यह रिपोर्ट जारी की गई है। इसके मुताबिक भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या करीब 21 करोड़ से ज्यादा है। दुनिया के करीब 26 फीसदी मरीज यहां मौजूद हैं लेकिन इनमें से 13.30 करोड़ मरीज अनुपचारित मधुमेह की श्रेणी में आते हैं।

रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने कहा है कि अधिकांश देशों खासतौर पर निम्न-आय और मध्यम-आय वाले देशों में मधुमेह के उपचार को लेकर पर्याप्त वृद्धि नहीं हुई है। यह देश मधुमेह और अनुपचारित मधुमेह के बोझ से दब रहे हैं। ऐसे में स्थानीय सरकारों को स्वास्थ्य बीमा और प्राथमिक देखभाल की सेवाओं का विस्तार करने पर ध्यान देना चाहिए।
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पड़ोसी देशों में स्थिति गंभीर
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में कुल 3.60 करोड़ लोग मधुमेह से ग्रस्त हैं, जिनमें 2.40 करोड़ रोगी अनुपचारित हैं। बांग्लादेश में 1.30 करोड़ रोगी बिना इलाज जीवन व्यतीत कर रहे हैं। विश्व स्तर पर पाकिस्तान और बांग्लादेश की भागीदारी क्रमश: चार और दो फीसदी है। चीन में कुल 14.80 करोड़ मधुमेह रोगी हैं, जो विश्व स्तर पर करीब 18 फीसदी की भागीदारी है। इनमें से 7.80 करोड़ मरीज अनुपचारित हैं।

32 साल में 3.5 गुना बढ़े मरीज
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में दुनियाभर में 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के 44.50 करोड़ मधुमेह रोगियों को उपचार नहीं मिला। यह संख्या 1990 की तुलना में करीब 3.5 गुना ज्यादा है। इनमें 30% (13.30 करोड़) अनुपचारित हैं, जो चीन से 50 फीसदी ज्यादा हैं।

  • पाकिस्तान और इंडोनेशिया में अनुपचारित मधुमेह रोगियों की संख्या अमेरिका की तुलना में काफी कम है क्योंकि यहां उपचार कवरेज भी काफी कम है। इसलिए उपचार कवरेज को बढ़ाना बहुत जरूरी है।

2022 में दुनियाभर में थे 82 करोड़ से ज्यादा रोगी
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में करीब 82.80 करोड़ लोग दुनियाभर में मधुमेह से ग्रस्त थे। साल 1990 तक इन मरीजों की संख्या तकरीबन 63 करोड़ थी। 1990 से 2022 के बीच दुनिया के करीब 131 देशों में महिलाएं और 155 देशों में पुरुषों में मधुमेह का प्रसार बढ़ा है। अगर सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की बात करें तो दक्षिण-पूर्व एशिया (मलेशिया), दक्षिण एशिया (पाकिस्तान) में बीमारी का प्रसार सबसे ज्यादा देखने को मिला है।

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