असम पुलिस भर्ती प्रश्न पत्र लीक घोटाले मामले में शनिवार को तीन लोगों की और गिरफ्तारी की गई, वहीं एक तांत्रिक के आश्रम पर भी छापा मारा गया। इस गिरफ्तारी के साथ आरोपियों की कुल संख्या 13 हो गई है।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि दो व्यक्तियों को सीआईडी ने गुवाहाटी और तिनसुकिया से गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा कि कई अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और अगले कुछ दिनों में मामले को बंद करने की दिशा में ले जाने की उम्मीद है। एक अधिकारी ने कहा कि एक व्यक्ति, जिसे नलबाड़ी जिले में शुक्रवार को पकड़ा गया था और बाद में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
गिरफ्तार 13 लोगों में राज्य के सिंचाई विभाग की एक महिला कर्मचारी और एक कर्मचारी असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की भी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से लगभग 10 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया था।
जानिए क्या था मामला
असम पुलिस में निशस्त्र उप निरीक्षकों के 597 पदों के लिये 20 सितंबर को हुई लिखित परीक्षा का पर्चा लीक हो गया था जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। असम पुलिस की सीआईडी और अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही हैं और उन्होंने राज्यभर में कई जगहों पर छापेमारी भी की, जो पूर्व डीआईजी पी के दत्ता से संबंधित बेनामी संपत्तियां थीं।
जांच एजेंसियों ने वरिष्ठ भाजपा नेता दीबन डेका के आवास और अन्य संपत्तियों पर भी छापेमारी की। डेका ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर कहा था कि वह परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थे और अब “असम छोड़” चुके हैं क्योंकि उनकी “किसी भी वक्त हत्या” हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में असम पुलिस के कई “बड़े और भ्रष्ट अधिकारी” शामिल हैं।
असम पुलिस का पर्चा लीक व्यापम से कहीं ज्यादा बड़ा घोटाला: अखिल गोगोई
जेल में बंद कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने शनिवार को कहा कि असम पुलिस भर्ती परीक्षा के पर्चे लीक होने का मामला कुछ सालों पहले मध्य प्रदेश में सामने आए व्यापम घोटाले से भी बड़ा है और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार इसमें शामिल है।