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Additional Judges: तीन उच्च न्यायालयों में 13 अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति, कानून मंत्री ने दी बधाई

Mon, 06 Feb 2023 11:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मद्रास उच्च न्यायालय में नियुक्त लोगों में से एक वकील लक्ष्मी चंद्रा विक्टोरिया गौरी हैं, जिनके भाजपा से कथित जुड़ाव ने विवाद पैदा कर दिया था। कुछ वकीलों ने हाल ही में कॉलेजियम से गौरी के लिए की गई सिफारिश को वापस लेने के लिए कहा था।
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court new - फोटो : istock
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विस्तार
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इलाहाबाद, कर्नाटक और मद्रास उच्च न्यायालयों में 11 वकीलों और दो न्यायिक अधिकारियों को सोमवार को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

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मद्रास उच्च न्यायालय में नियुक्त लोगों में से एक वकील लक्ष्मी चंद्रा विक्टोरिया गौरी हैं, जिनके भाजपा से कथित जुड़ाव ने विवाद पैदा कर दिया था। कुछ वकीलों ने हाल ही में कॉलेजियम से गौरी के लिए की गई सिफारिश को वापस लेने के लिए कहा था। कुछ अन्य वकीलों ने कड़ी मेहनत और पेशे के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए उनकी पदोन्नति का समर्थन किया था।

सर्वोच्च न्यायालय ने वकील विक्टोरिया गौरी की मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई सोमवार को सात फरवरी तक के लिए बढ़ा दी।
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शीर्ष अदालत ने इससे पहले दिन में उनकी पदोन्नति के खिलाफ याचिका पर 10 फरवरी को सुनवाई करने पर सहमति जताई, लेकिन मामले का फिर से जिक्र किया गया और मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के लिए मंगलवार की तारीख तय की।

कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्विटर पर नई नियुक्तियों की घोषणा की और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। नियुक्त किए गए लोगों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लिए छह, मद्रास उच्च न्यायालय के लिए पांच और कर्नाटक उच्च न्यायालय के लिए दो शामिल हैं। मद्रास उच्च न्यायालय में नियुक्त अतिरिक्त न्यायाधीशों में से दो न्यायिक अधिकारी हैं।
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पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नामों की सिफारिश की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित सात अन्य नामों के बारे में अभी तक कुछ नहीं कहा गया है। तीन नाम इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लिए थे, जबकि तीन अन्य मद्रास उच्च न्यायालय के लिए थे। कर्नाटक उच्च न्यायालय के लिए एक नाम की सिफारिश की गई थी।

अतिरिक्त न्यायाधीशों को आमतौर पर स्थायी न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत होने से पहले दो साल की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है।

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