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मरकर भी पांच लोगों को जिंदा कर गई 12 साल की ब्रेन डेड बच्ची

Thu, 14 Jun 2018 12:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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सांकेतिक तस्वीर
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किसी अपने को हमेशा के लिए खो देने का दर्द असहनीय होता है। अक्सर हम इस दर्द में इस कदर डूब जाते हैं कि हमें कुछ याद नहीं रहता है। मगर कुछ ऐसे लोगो भी होते हैं जो इस पीड़ा के समय भी दूसरों की जिंदगी बचाने के बारे में सोचते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया है इलप्पा शांताराम आरोटे ने। जिन्होंने सड़क हादसे में अपनी मां और दो बच्चों को गंवाने के बाद भी 12 साल की बेटी के अंगदान करके 5 लोगों की जान बचा ली।

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इलप्पा ने बताया कि वह पूरे परिवार के साथ कार से पुणे जा रहे थे। कार चलाते समय अचानक ड्राइवर की आंख लग गई जिसकी वजह से कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में ड्राइवर, इलप्पा के एक बेटे और मां की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि वह खुद, पत्नी और 12 साल की बेटी घायल हो गए थे। गंभीर हालत में बेटी को इलाज के लिए पुणे के अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन तबीयत बिगड़ने की वजह से उसे मुंबई के कोहिनूर अस्पताल रेफर कर दिया गया था।

8 दिनों तक अस्पताल में इलाज के बाद डॉक्टरों ने इलप्पा की बेटी को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें सुझाव दिया कि वह चाहें तो बेटी के अंगों को दान करके दूसरे लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं। इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए इलप्पा ने बेटी के अंगदान का फैसला लिया। उनकी बेटी के दोनों गुर्दे, जिगर, दिल और फेफड़ों से 5 लोगों को नई जिंदगी मिली है।

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