पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा में एक नाबालिग छात्रा की हत्या को लेकर विरोध अभी थमा नहीं है। हालांकि इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं गोरखा सेवा सेना ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में शनिवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है, जिसमें मांग की गई है कि छात्रा की हत्या के आरोपी पर फास्ट-ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाया जाए।
बंद सुबह 6 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे तक जारी रहेगा, साथ ही कर्सियांग, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के टैक्सी संघों ने इस बंद का समर्थन किया है। वहीं इससे पहले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सिलीगुड़ी में 12 घंटे का बंद बुलाया था जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ।
बता दें कि सोमवार की शाम सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा इलाके में एक जर्जर मकान में बच्ची का शव मिला था। पुलिस ने कहा कि उन्होंने आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, आरोपी ने छात्रा का यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की लेकिन जब उसने विरोध किया तो उसने उसे पीट-पीटकर मार डाला।
उन्होंने बताया कि जिस पत्थर से लड़की पर हमला किया गया था उसे भी बरामद कर लिया गया है। लड़की एक नेपाली-माध्यम स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस ने बताया कि वह स्कूल से घर लौट रही थी, तभी आरोपी ने उसे रोक लिया और जर्जर घर में उससे दुष्कर्म की कोशिश की।
इस बीच, भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) के प्रमुख अनित थापा ने संकेत दिया कि उनका संगठन न तो शनिवार के बंद का समर्थन करेगा और न ही इसका विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने बंद बुलाया है उन्हें समझना होगा कि मामला अदालत में है।
भाजयुमो, एबीवीपी ने स्नातक छात्र की मौत पर जादवपुर में रैली निकाली
भाजयुमो और एबीवीपी ने इस महीने की शुरुआत में जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रावास में एक छात्र की मौत के विरोध में शुक्रवार को दक्षिण कोलकाता में एक रैली आयोजित की। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने गोलपार्क से जादवपुर 8बी बस स्टैंड तक रैली का नेतृत्व किया। परिसर में रैगिंग की निंदा करते हुए मार्च में शामिल लोगों ने विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संघों के खिलाफ नारे लगाए।
अधिकारी ने कहा कि यह बंगाल के लिए बहुत शर्मनाक है कि (जादवपुर विश्वविद्यालय के) छात्र होने की आड़ में कुछ लोग एक राजनीतिक रैली में जूते दिखा रहे हैं। रैली में कई उच्च शिक्षित व्यक्ति भाग ले रहे हैं।
टीएमसी ने पोस्ट किया कि हम इस तरह की गुंडागर्दी और बंगाल में शांति को बाधित करने के सरासर प्रयास की निंदा करते हैं। जैसे ही रैली 2 किमी की दूरी तय करके गुजरी, विश्वविद्यालय के द्वार बंद कर दिए गए और यातायात रुक गया।
गोवा में एक साल में महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध दोगुने से अधिक
गोवा में बीते एक साल में महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध दोगुने से भी अधिक हो गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि महिलाओं ने खुद को सोशल मीडिया पर धोखेबाजों के प्रति संवेदनशील बना लिया है। पुलिस अधीक्षक सुनीता सावंत ने कहा कि महिलाओं के साइबर अपराधियों के शिकार होने का मुख्य कारण यह है कि वे सोशल मीडिया पर खुद को असुरक्षित बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि गोवा पुलिस ने 2022 में महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध के 90 मामले दर्ज किए थे, जबकि राज्य ने 2021 में ऐसे 38 मामले दर्ज किए थे। एक साल की अवधि में ऐसे मामलों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है।