सेना में महिला अधिकारियों को उनके पुरुष समकक्षों के बराबर अवसर दिए जा रहे हैं। हाल ही में 57 इंजीनियर्स रेजीमेंट की एक महिला अधिकारी को सियाचिन ग्लेशियर में तैनात किया गया था और उन्हें वहां ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केंद्र की मोदी सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में भारतीय सेना में भी महिलाओं की भूमिका को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें सियाचिन में पहली महिला अधिकारी की तैनाती से लेकर भारतीय सेना द्वारा कमांड भूमिकाओं के लिए पहली बार 30 महिला अधिकारियों को नियुक्त करने जैसे कदम शामिल हैं। वहीं अब भारतीय थल सेना ने महिला सैन्य अफसरों को कर्नल की रैंक पर पदोन्नत करने का फैसला लिया है। जनवरी के आखिर तक ये महिला सैन्य अधिकारी कमांड का नेतृत्व करती नजर आएंगी।
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जानकारी के मुताबिक, थल सेना में 108 महिला अधिकारियों को पदोन्नति मिलेगी। सेना में महिला अधिकारियों को पुरुष अधिकारियों के समकक्ष लाने की विशेष मुहिम के तहत 244 महिला लेफ्टिनेंट को कठिन सैन्य प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनवरी के आखिरी तक इनमें से 108 को पदोन्नत किया जाएगा।
सेना सूत्रों के मुताबिक, 1992 से 2006 तक के बैच की महिला अधिकारियों को इंजीनियरिंग, सिग्नल, आर्मी एयर डिफेंस, इंटेलिजेंट कोर, आर्मी सर्विस कोर, आर्डिनेंस कोर, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग से चुना गया है। विशेष बोर्ड इस प्रक्रिया को अंजाम दे रहा है। पदोन्नति के बाद इन्हें संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
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सियाचिन ग्लेशियर में पहली महिला को दी गई थी तैनाती
सेना में महिला अधिकारियों को उनके पुरुष समकक्षों के बराबर अवसर दिए जा रहे हैं। हाल ही में 57 इंजीनियर्स रेजीमेंट की एक महिला अधिकारी को सियाचिन ग्लेशियर में तैनात किया गया था और उन्हें वहां ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
टाटा बोइंग एयरोस्पेस ने एएच-64 अपाचे के लिए पहला फ्यूजलेज सेना को सौंपा
टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड (टीबीएएल) ने गुरुवार को भारतीय सेना द्वारा ऑर्डर किए गए छह एएच-64 अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के लिए पहला फ्यूजलेज(हवाई जहाज़ का ढांचा) डिलीवर कर दिया है। गौरतलब है कि इसका निर्माण हैदराबाद में टीबीएएल की इकाई में किया गया है। बोइंग इंडिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है। हैदराबाद में हमारे संयुक्त उद्यम टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड में आत्मनिर्भर भारत और विश्व स्तरीय विनिर्माण क्षमताओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।