पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती, यह बात केरल की 105 साल की बुजुर्ग महिला ने साबित कर दी है। कोल्लम के पराकुलम से 105 वर्षीय भागीरथी अम्मा ने नवंबर 2019 में चौथी कक्षा की परीक्षा दी थी। जब उनका रिजल्ट आया तो उन्होंने 74.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। भागीरथी अम्मा केरल राज्य साक्षरता मिशन की सबसे पुरानी विद्यार्थी बन गई हैं। उनकी उम्र 105 साल है।
भागीरथी अम्मा के इस जज्बे की हर तरफ तारीफ हो रही है। उन्होंने केरल राज्य साक्षरता मिशन में हिस्सा लिया और इसके साथ ही सबसे अधिक उम्र वाली विद्यार्थी बन गईं। मां की असमय मृत्यु के बाद भागीरथी अम्मा की पढ़ाई आठ साल की उम्र में छूट गई और वो परिवार संभालने लगीं।
आठ साल की उम्र में अपने भाई-बहनों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। पति की मौत के बाद उनपर अकेले ही अपने छह बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। भागीरथी अम्मा ने यह साबित कर दिया कि इन्सान किसी भी उम्र में पढ़ सकता है।