फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तमिलनाडु: सीबीआई की कस्टडी से 45 करोड़ का 103 किलो सोना 'गायब', जानें पूरा मामला

Sat, 12 Dec 2020 06:48 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तमिलनाडु
विज्ञापन
सोना - फोटो : pixabay
विज्ञापन
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक ऐसी घटना हुई है, जो आपको भी हैरान कर देगी। दरअसल, यहां सीबीआई की कस्टडी से 103 किलो सोना गायब होने का मामला सामने आया है, जिसकी कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु सीबी-सीआईडी को मामले की जांच करने का आदेश दिया। 
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने 2012 के दौरान चेन्नई में सुराना कॉर्पोरेशन के कार्यालय में छापा मारकर 400.5 किलो सोना जब्त किया था। गायब हुआ सोना इसी का हिस्सा है। यह सोना सुराना की तिजोरियों और वॉल्ट्स में सीबीआई के तालों व सील में बंद था। 

केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि उसने सीबीआई मामलों के लिए चेन्नई प्रमुख विशेष अदालत को तिजोरियों और वॉल्ट्स की 72 चाबियां सौंपी थीं। सीबीआई का दावा है कि जब जब्ती की कार्रवाई हुई थी, तब सोने की सभी छड़ें एक साथ तौली गई थीं। अब एसबीआई और सुराना के बीच समझौता होने के बाद सोने का वजन अलग-अलग किया गया, जिससे गड़बड़ी हुई है।
विज्ञापन


चेन्नई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश ने सीबीआई के इस दावे को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने सीबी-सीआईडी के एसपी रैंक के एक अधिकारी को मामले की जांच सौंप दी और छह महीने में जांच पूरी करने के निर्देश दिए। सीबीआई ने न्यायमूर्ति प्रकाश से कहा कि अगर इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस करती है तो उनकी प्रतिष्ठा पर असर पड़ेगा।

इस पर न्यायमूर्ति प्रकाश ने जवाब दिया कि काननू इस तरह के आक्षेप को मंजूरी नहीं देता है। सभी पुलिसकर्मियों पर भरोसा किया जाना चाहिए। इसका मतलब तो यह हुआ कि सिर्फ सीबीआई ही बड़ी जांच कर सकती है, जबकि स्थानीय पुलिस बेकार है।
विज्ञापन



और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें